CG News:-12 बड़ी चोरियों का मास्टरमाइंड, कपड़े बदलकर पुलिस को चकमा देता रहा जुआरी चोर, CCTV और पैटर्न ट्रेसिंग से 7 महीने बाद पुलिस की गिरफ्त में,45 लाख का माल बरामद …

BilaspurNews:-सूरज काछी की गिरफ्तारी सिर्फ एक चोर के पकड़े जाने की खबर नहीं है, यह उस लंबी कहानी का एक पड़ाव है जहाँ शहर के सूने घर, पुलिस की दौड़ और एक शातिर दिमाग लगातार आमने–सामने खड़े रहे। सात महीने तक वह कपड़े बदलता रहा, जगह बदलता रहा और सिस्टम उसे खोजता रहा, लेकिन वह हर बार कुछ कदम आगे निकल जाता था। CCTV की एक छोटी–सी छाया ने आखिरकार उस पूरे खेल की परतें खोल दीं, जिसमें चोरी का माल जुए और ऑनलाइन गेमिंग तक पहुंचता रहा, और सोना गलियों से होकर बैंकों की फाइलों में बदलता गया। 12 वारदातों और 45 लाख की बरामदगी के बीच पुलिस की मेहनत लगातार जारी रही—थकी नहीं, रुकी नहीं। कई एंबुश, कई नाकाम कोशिशों के बाद भी उसने धैर्य नहीं छोड़ा, और आखिरकार एक छोटी–सी कड़ी ने पूरे नेटवर्क को जोड़कर उस चेहरे तक पहुंचा दिया जिसे महीनों से ढूंढा जा रहा था।
Bilaspur बिलासपुर।सिविल लाइन थाना क्षेत्र में सूने मकानों को निशाना बनाकर दहशत फैलाने वाला शातिर चोर आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पेंड्रा निवासी सूरज काछी, जो आदतन जुआरी भी है, पिछले 7 महीनों से पुलिस की पकड़ से बाहर था। आरोपी की पहचान होने के बावजूद वह हर बार वारदात के बाद अपनी लोकेशन और हुलिया बदलकर जांच टीम को लगातार चकमा देता रहा।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने अक्टूबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच बिलासपुर के विभिन्न इलाकों में 12 बड़ी चोरी की वारदातों को अंजाम दिया। कुदुदण्ड, यमुना नगर, मंगला, नर्मदा नगर, विकास नगर, इन्द्रसेन कॉलोनी और नेहरू नगर जैसे क्षेत्रों के सूने मकान उसका निशाना बने।
CCTV फुटेज से खुला सुराग
नेहरू नगर स्थित श्रीराम केयर अस्पताल के पास 20 अप्रैल 2026 को हुई चोरी के बाद पुलिस को अहम फुटेज मिला। इसी फुटेज के आधार पर पुराने मामलों से मिलान किया गया, जिसके बाद आरोपी की गतिविधियों का पैटर्न स्पष्ट हुआ। नर्मदा नगर की चोरी से मिली लीड ने पुलिस को सीधे गौरेला तक पहुंचा दिया, जहां से सूरज काछी को गिरफ्तार कर लिया गया।
बेहद शातिर तरीका अपनाता था आरोपी
जांच में सामने आया कि आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देता था। वह एसी रिपेयरिंग के बहाने घरों की रेकी करता, फिर रात के समय सूने मकानों को निशाना बनाता। वारदात के बाद कपड़े बदलना, लोकेशन बदलना और वाहन को दूर छिपाना उसकी नियमित रणनीति थी।

लगातार एक महीने तक पुलिस ने एंबुश भी लगाया, लेकिन आरोपी की सतर्कता के कारण वह पकड़ में नहीं आ पाया।
जुए और ऑनलाइन गेमिंग में उड़ाई रकम
सूरज काछी आदतन जुआरी है और पेंड्रा में उसके खिलाफ चार से अधिक जुआ के मामले दर्ज हैं। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि वह चोरी के पैसों को ऑनलाइन गेमिंग एप ‘पैरी मैच’ में लगाता था, जहां उसने करीब 30 लाख रुपये गंवा दिए।
सोने का भी जटिल नेटवर्क
आरोपी चोरी के जेवरात को कटनी में बेचकर नए गहने बनवाता था। बाद में इन्हीं गहनों को मुथूट फायनेंस जैसी गोल्ड लोन कंपनियों में गिरवी रखकर लोन लेता और राशि अपने आईडीबीआई बैंक खाते में ट्रांसफर कर खर्च करता था।
45 लाख रुपये का सामान बरामद
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से अब तक लगभग 45 लाख रुपये मूल्य के सोने–चांदी के जेवर और अन्य सामान जब्त किए हैं।
पुलिस टीम को मिला इनाम




एसएसपी रजनेश सिंह ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि एसीसीयू की नई टीम के गठन के बाद लगातार बड़ी सफलताएं मिल रही हैं। इस कार्रवाई में एडिशनल एसपी सिटी पंकज पटेल, सीएसपी निमितेश सिंह, सिविल लाइन टीआई एसआर साहू और एसीसीयू प्रभारी गोपाल सथपती की टीम की अहम भूमिका रही। टीम के सदस्यों को इनाम देने की घोषणा की गई है। पुलिस अब आरोपी से जुड़े अन्य संभावित मामलों की भी जांच कर रही है।

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