जागते रहो” के नारे के साथ देशभर में जनजागरण अभियान चला रही समिति : अजय पांडे

जागते रहो” के नारे के साथ देशभर में जनजागरण अभियान चला रही समिति : अजय पांडे
किसानों, कैदियों, पत्रकारों और आम नागरिकों के अधिकारों की उठाई आवाज
“सम्मानित जीवन, समान अधिकार” के संदेश के साथ सामाजिक जागरूकता पर जोर
बिलासपुर। अजय पांडे ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि अखिल भारतीय मानव अधिकार समिति पूरे देश में जनजागरण अभियान चला रही है। संस्था “सम्मानित जीवन, समान अधिकार” के नारे के साथ गरीबों, पीड़ितों, किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों के अधिकारों के लिए लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि समिति केवल सामाजिक मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि जेलों में भी सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित कर कैदियों के पुनर्वास की दिशा में काम कर रही है। जिन कैदियों की सजा पूरी हो चुकी होती है लेकिन जुर्माने की राशि जमा नहीं कर पाने के कारण वे जेल से बाहर नहीं आ पाते, उनकी सहायता भी समिति द्वारा की जाती है।
कैदियों के लिए श्रीमद्भागवत कथा आयोजन की तैयारी
अजय पांडे ने बताया कि उन्होंने जबलपुर में कैदियों के लिए श्रीमद्भागवत कथा आयोजन की अनुमति भी मांगी है। उनका कहना था कि ऐसे आयोजनों से समाज और कैदियों के बीच सकारात्मक सोच विकसित होती है।
उन्होंने कहा कि 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर संस्था विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करती है ताकि समाज में अच्छे और जिम्मेदार नागरिक तैयार किए जा सकें।
किसानों को मिले उपज का सही मूल्य
प्रेस वार्ता में किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा कहलाता है, इसलिए किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों से अनावश्यक वसूली की जा रही है, जिसे तत्काल बंद किया जाना चाहिए। साथ ही भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की मांग भी की।
बिजली कटौती और महंगी दरों पर सवाल
अजय पांडे ने कहा कि छत्तीसगढ़ बिजली उत्पादन में अग्रणी राज्य होने के बावजूद आम लोगों को महंगी बिजली और कटौती का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि प्रदेशवासियों को सस्ती और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए तथा किसानों को समय पर बिजली दी जाए।
स्थानांतरण नीति में मानवीय दृष्टिकोण की मांग
उन्होंने कहा कि स्थानांतरण नीति में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। पति-पत्नी को एक ही स्थान पर पदस्थ करने और कर्मचारियों की समस्याओं का संवेदनशीलता से समाधान करने की बात भी उन्होंने कही, ताकि कर्मचारी बेहतर माहौल में पूरी लगन से काम कर सकें।
सड़क सुरक्षा से लेकर पत्रकार हित तक उठे मुद्दे
प्रेस कांफ्रेंस में सड़क दुर्घटनाओं, फैक्ट्रियों में सुरक्षा उपकरणों की कमी, कानून व्यवस्था, यातायात व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही जैसे मुद्दों को भी उठाया गया। अजय पांडे ने कहा कि फैक्ट्रियों में सुरक्षा उपकरण अनिवार्य किए जाएं और अधिकारियों को जवाबदेह बनाया जाए।
उन्होंने पत्रकारों के हितों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पत्रकारों को उचित वेतन, बीमा और पेंशन जैसी सुविधाएं मिलनी चाहिए। साथ ही पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग भी दोहराई।
अंत में उन्होंने कहा कि समिति का नारा “जागते रहो, जागते रहो” है और संस्था समान अधिकार दिलाने के लिए गांधीवादी आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि जनजागरण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
Live Cricket Info


