CG News: 12वीं हिंदी पेपर लीक मामले में NSUI नेता वेणु जंघेल गिरफ्तार, छात्रों से वसूली कर बेचता था प्रश्नपत्र

CG News: माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं हिंदी परीक्षा का पेपर सोशल मीडिया में वायरल होने के मामले में सिटी कोतवाली पुलिस और एसीसीयू क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी वेणु उर्फ वेणु जंघेल को गिरफ्तार किया है।
बिलासपुर। 12वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान सामने आए चर्चित हिंदी पेपर लीक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सिटी कोतवाली पुलिस और एसीसीयू क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई में मुख्य आरोपी वेणु उर्फ वेणु जंघेल को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
परीक्षा शुरू होने से पहले वायरल हुआ था पेपर
14 मार्च 2026 को 12वीं हिंदी विषय का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले ही टेलीग्राम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया था। मामला सामने आते ही माध्यमिक शिक्षा मंडल में हड़कंप मच गया था। इसके बाद मंडल ने परीक्षा निरस्त करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। बाद में 10 अप्रैल 2026 को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी।
छात्रों से वसूली कर उपलब्ध कराता था प्रश्नपत्र
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी वेणु जंघेल मूल रूप से ग्राम बरसरा का निवासी है और वर्तमान में रायपुर के गोकुल नगर इलाके में रह रहा था। पूछताछ में यह जानकारी भी सामने आई है कि वह छात्रों को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के एवज में करीब 2500 से 3000 रुपये तक वसूलता था।
डिजिटल सबूत मिटाने की कोशिश
मामला दर्ज होने के बाद आरोपी लगातार फरार चल रहा था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने डिजिटल साक्ष्यों को मिटाने की भी कोशिश की थी। हालांकि तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे बिलासपुर से पकड़ लिया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस उपायुक्त मध्य जोन द्वारा 5000 रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
हाथ से लिखा हुआ था लीक हुआ बी-सेट
जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि हिंदी विषय के बी–सेट का जो प्रश्नपत्र वायरल हुआ था, वह हाथ से लिखा गया था। प्रारंभिक पूछताछ में एक शिक्षक की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिसके तार साजा क्षेत्र से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
50 दिन तक चली जांच, कई जिलों तक पहुंची कड़ियां
करीब 50 दिन तक चली जांच में पुलिस ने 50 से ज्यादा छात्रों और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की। जांच के दौरान 22 ऐसे लोगों को ट्रेस किया गया, जिन तक अलग–अलग माध्यमों से प्रश्नपत्र पहुंचा था। इनमें कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर, गरियाबंद और भिलाई के छात्र शामिल हैं।
साजा के छात्र से मिला बड़ा सुराग
इन्हीं कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस साजा के एक छात्र तक पहुंची। पूछताछ में छात्र ने वेणु जंघेल से प्रश्नपत्र मिलने की बात स्वीकार की। इसी अहम सुराग के बाद पुलिस मुख्य आरोपी तक पहुंचने में सफल हुई।
और भी गिरफ्तारियों के संकेत
फिलहाल पुलिस इस पूरे पेपर लीक नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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