जांजगीर स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक: राष्ट्रीय कार्यक्रमों में तेजी लाने के निर्देश, मैदानी स्तर पर शत-प्रतिशत प्रगति का लक्ष्य

जांजगीर। जिला पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में 24 जून 2026 को स्वास्थ्य विभाग की एक दिवसीय जिला स्तरीय मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. (श्रीमती) अनीता श्रीवास्तव ने की। इस दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक उत्कर्ष तिवारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी–कर्मचारी मौजूद रहे।
स्वास्थ्य योजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति की हुई समीक्षा
बैठक में जिले के समस्त खंड चिकित्सा अधिकारी, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी, विकासखंड प्रबंधक डाटा एवं लेखा, जिला मितानिन समन्वयक एवं विकासखंड मितानिन समन्वयकों की उपस्थिति में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान राज्य स्तर से प्राप्त निर्देशों पर चर्चा करते हुए सभी अधिकारियों को कार्ययोजना बनाकर स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। सीएमएचओ डॉ. अनीता श्रीवास्तव ने सभी कार्यक्रमों में मैदानी स्तर पर शत–प्रतिशत प्रगति लाने पर जोर दिया।
मातृत्व और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर
मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत एचएमआईएस एवं जननी पोर्टल में एंट्री, स्वास्थ्य सूचकांकों और सेवाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान को प्रभावी बनाने और रेफरल सेवाओं को बेहतर करने के लिए विकासखंड स्तर पर टीम बनाकर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं उच्चतर स्वास्थ्य संस्थाओं में शत–प्रतिशत प्रसव सुनिश्चित करने तथा प्रसव के बाद लगातार फॉलोअप करने के निर्देश दिए गए।
टीकाकरण, एनआरसी और स्वास्थ्य गुणवत्ता कार्यक्रमों की समीक्षा
बैठक में एनआरसी संचालन, एचपीवी टीकाकरण, नियमित टीकाकरण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। नसबंदी सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ऑपरेशन थिएटर तैयार करने तथा एनक्यूएएस एवं कायाकल्प कार्यक्रम में समय–सीमा के भीतर शत–प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने कहा गया।
टीबी, कुष्ठ और अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों पर विशेष फोकस
टीबी कार्यक्रम के अंतर्गत 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान और कुष्ठ कार्यक्रम के तहत सघन कुष्ठ खोज अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई। एचआईवी कार्यक्रम में सेवाओं को मजबूत करने तथा अंधत्व निवारण कार्यक्रम के अंतर्गत मोतियाबिंद ऑपरेशन और चश्मा वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
मौसमी बीमारियों से बचाव और निगरानी व्यवस्था पर जोर
आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए मलेरिया से बचाव और सावधानियों को लेकर आमजन में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक सप्ताह “10 बजे 10 मिनट” निरीक्षण गतिविधि संचालित करने के लिए कहा गया।
आईडीएसपी कार्यक्रम के अंतर्गत मौसमी बीमारियों की रोकथाम, महामारी की स्थिति में तत्काल सूचना और प्रबंधन व्यवस्था मजबूत करने, वायरल हेपेटाइटिस के मरीजों की जांच और एसपीएल फार्म की नियमित रिपोर्टिंग करने के निर्देश दिए गए।
आयुष्मान भारत और आरोग्य मंदिर सेवाओं को बेहतर बनाने के निर्देश
आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा करते हुए सभी लक्षित हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाने, कार्ड वितरण और स्वास्थ्य संस्थाओं द्वारा आवश्यक ब्लॉकिंग प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए।आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में 12 प्रकार की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, वेलनेस गतिविधियों, टेली कंसल्टेशन और आयुष्मान मेलों का गुणवत्तापूर्ण संचालन सुनिश्चित करने कहा गया। साथ ही सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा करते हुए निर्धारित समय में रिपोर्टिंग करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों और कर्मचारियों की रही मौजूदगी
बैठक में जिला स्तर के नोडल अधिकारी, समस्त सलाहकार एवं समन्वयक, जिला प्रबंधक लेखा, डाटा एवं एचआर/प्रशिक्षण सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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