CG Crime: सात फेरों का रिश्ता बना मौत की वजह? घरेलू विवाद के बाद पत्नी की हत्या का आरोप, भागने से पहले पति गिरफ्तार… पुलिस की 24 घंटे में कार्रवाई

रायगढ़- एक घर… जहां कभी साथ जीने-मरने की कसमें खाई गई होंगी, वहीं एक विवाद ने ऐसा मोड़ ले लिया कि पत्नी की मौत हो गई और पति सलाखों के पीछे पहुंच गया। रायगढ़ जिले के कापू थाना क्षेत्र में पत्नी की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी पति को घटना के महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया।
सवाल यह है कि आखिर एक मामूली विवाद कैसे इतनी बड़ी वारदात में बदल गया? क्या गुस्से का एक पल पूरे परिवार की जिंदगी तबाह कर सकता है?
घर के अंदर मिली पत्नी की लाश, शक की सुई पति पर
मामला कापू थाना क्षेत्र के ग्राम पारेमेर का है। 28 जून 2026 की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि गांव में एक महिला की हत्या हो गई है।
पुलिस मौके पर पहुंची तो घर के अंदर जीतो बाई मंझवार (43 वर्ष) का शव मिला। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शुरुआती जांच और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस की जांच पति रामनाथ मंझवार तक पहुंची।
इसके बाद थाना कापू में आरोपी पति के खिलाफ अपराध क्रमांक 104/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में मामला दर्ज किया गया।
विवाद… फिर हिंसा और मौत
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी पति ने घटना की रात पत्नी से विवाद होने की बात स्वीकार की। बताया गया कि खाना खाने के बाद पत्नी आंगन में सो गई थी। पति ने उसे अंदर सोने के लिए कहा, लेकिन बात नहीं बनी और विवाद बढ़ गया।
आरोप है कि पहले हाथ-मुक्के से मारपीट की गई और फिर लकड़ी के डंडे से हमला कर दिया गया, जिससे महिला की मौत हो गई।
यहां सवाल खड़ा होता है…
क्या गुस्से का एक पल किसी इंसान को इतना निर्दयी बना सकता है कि वह अपने ही रिश्ते का अंत कर दे?
फरार होने की तैयारी में था आरोपी, पुलिस ने घेरकर पकड़ा
वारदात के बाद आरोपी के गांव से फरार होने की जानकारी पुलिस को मिली। कापू पुलिस ने तत्काल टीम बनाकर घेराबंदी की और आरोपी को पकड़ लिया।
आरोपी रामनाथ मंझवार पिता सेलठू राम मंझवार (50 वर्ष), निवासी ग्राम पारेमेर को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने आरोपी के बताए स्थान से वारदात में इस्तेमाल लकड़ी का डंडा और घटना के समय पहने कपड़े ई-साक्ष्य और वीडियोग्राफी के साथ जब्त किए हैं।
न्यायिक रिमांड पर भेजा गया आरोपी
पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
एसएसपी की अपील — गुस्सा नहीं, संवाद चुनें
रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि महिला संबंधी गंभीर अपराधों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई पुलिस की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि क्षणिक आवेश में लिया गया फैसला सिर्फ एक जिंदगी नहीं छीनता, बल्कि पूरे परिवार को बिखेर देता है। छोटी-छोटी बातों पर हिंसा का रास्ता अपनाने के बजाय बातचीत और संयम से समस्या का समाधान करना चाहिए।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कापू उप निरीक्षक इगेश्वर यादव, प्रधान आरक्षक सोमेश गोस्वामी, आरक्षक जागेश्वर मरावी और महिला आरक्षक संगीता राठिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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