CG Crime News:- सवारी बनकर बैठे, रास्ते में रची मौत की साजिश… ड्राइवर का अपहरण कर की हत्या, कार लूटी; दो साल बाद तीनों दोषियों को उम्रकैद

CG Crime News:- कार चालक के अपहरण, हत्या और लूट के बहुचर्चित मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रधान सत्र न्यायाधीश जयदीप गर्ग की अदालत ने सुनियोजित षड्यंत्र के तहत वारदात को अंजाम देने वाले तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने हत्या, अपहरण, लूट और साक्ष्य मिटाने के अपराध में प्रत्येक दोषी पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जांजगीर। “सवारी” बनकर कार में बैठे तीन युवकों ने रास्ते में ही चालक की मौत की पटकथा लिख दी। पहले नए मोबाइल नंबर से कार बुक कर चालक को बुलाया, फिर सफर के दौरान हत्या की साजिश रची, गला दबाकर मार डाला, पत्थरों से सीने पर वार किए और शव को नहर किनारे फेंककर कार लेकर फरार हो गए। करीब दो साल पुराने इस सनसनीखेज हत्याकांड में अब अदालत ने कड़ा फैसला सुनाते हुए तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

प्रधान सत्र न्यायाधीश जयदीप गर्ग की अदालत ने राहुल श्रीवास, सोमप्रभात साहू और विवेकपुरी गोस्वामी को हत्या, अपहरण, लूट और साक्ष्य मिटाने का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर छह-छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
नए मोबाइल नंबर से बुक की कार, फिर शुरू हुआ मौत का सफर
लोक अभियोजक संदीप सिंह बनाफर के अनुसार, 13 अप्रैल 2024 को आरोपियों ने नए मोबाइल नंबर से डिजायर कार बुक कर चालक रमाकांत तिवारी को कोटमी सोनार से अमरकंटक चलने के लिए बुलाया। रास्ते में तीनों ने पहले से बनाई गई योजना के तहत चालक की हत्या कर कार लूटने का फैसला किया।
देर रात गौरेला–पेंड्रा रोड पर खाना खाने का बहाना बनाकर कार रुकवाई गई। इसके बाद चालक का गला दबाकर हमला किया गया और सड़क किनारे ले जाकर उसके सीने पर पत्थर से कई वार किए गए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
शव छिपाने की कोशिश, नाबालिग से खुदवाया गड्ढा
हत्या के बाद आरोपी शव को कार की पिछली सीट पर रखकर उसे ठिकाने लगाने की कोशिश करते रहे। इसके लिए उन्होंने एक नाबालिग की मदद से गड्ढा खुदवाने का भी प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए। बाद में शव को सारागांव थाना क्षेत्र के लखुर्री नहर के किनारे फेंक दिया और कार को अकलतरा थाना क्षेत्र के पचरी के पास छोड़कर फरार हो गए।
परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने खोला पूरा राज
पुलिस ने विवेचना के दौरान तकनीकी जांच और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर राहुल श्रीवास, सोमप्रभात साहू और विवेकपुरी गोस्वामी को गिरफ्तार किया। जांच पूरी होने के बाद अदालत में चालान पेश किया गया।
कोर्ट ने कहा- यह सुनियोजित और जघन्य अपराध था
सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि अभियोजन द्वारा प्रस्तुत परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की सभी कड़ियां एक-दूसरे से पूरी तरह जुड़ी हुई हैं। इससे यह स्पष्ट रूप से सिद्ध होता है कि आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर चालक का अपहरण किया, उसकी हत्या कर कार और सामान लूटा तथा साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को नहर किनारे फेंक दिया।
अदालत ने तीनों दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 364, 397/120-बी एवं 201 के तहत दोषी ठहराते हुए सभी धाराओं में आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।
इस पूरे मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक संदीप सिंह बनाफर ने प्रभावी पैरवी की, जिसके आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया।

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