CG News:- वायरल वीडियो ने छीनी कुर्सी!कलेक्टर के एक्शन के बाद प्रधान पाठक सस्पेंड,जांच में सामने आया गंभीर कदाचार

CG News:-सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने जांजगीर–चांपा के एक सरकारी स्कूल के प्रधान पाठक की कुर्सी छीन ली। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए। विकासखंड शिक्षा अधिकारी की जांच में प्रथम दृष्टया गंभीर कदाचार सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रधान पाठक भुवनेश्वर कौशिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। अब विभागीय जांच आगे बढ़ेगी और उसके आधार पर अगली कार्रवाई तय होगी।
एक वायरल वीडियो… और सरकारी स्कूल के प्रधान पाठक पर गिरी निलंबन की गाज। मामला कलेक्टर तक पहुंचा तो जांच के आदेश हुए।
जांजगीर-चांपा। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने शासकीय प्राथमिक शाला तेलीपारा, डोंगाकोहरौद के प्रधान पाठक भुवनेश्वर कौशिक की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। विकासखंड शिक्षा अधिकारी, पामगढ़ की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रधान पाठक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
वायरल वीडियो से शुरू हुई कार्रवाई
वीडियो सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया। कलेक्टर के निर्देश पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी, पामगढ़ ने पूरे मामले की जांच की। जांच प्रतिवेदन जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा गया, जिसके आधार पर तत्काल निलंबन आदेश जारी कर दिया गया।
जांच में मिला गंभीर कदाचार
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि वायरल वीडियो और जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रथम दृष्टया प्रधान पाठक का आचरण गंभीर कदाचार की श्रेणी में पाया गया। उनका कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन माना गया।
इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
नवागढ़ बनाया गया मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान प्रधान पाठक भुवनेश्वर कौशिक का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, नवागढ़ निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
कलेक्टर का साफ संदेश
इस कार्रवाई से प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि सरकारी सेवा में अनुशासन और आचरण से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या गंभीर कदाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिकायत सामने आने के बाद जांच और जांच के बाद कार्रवाई—इस पूरे घटनाक्रम ने यह भी दिखाया कि प्रशासन ने मामले को हल्के में नहीं लिया।
अब विभागीय जांच की आगे की प्रक्रिया में यह तय होगा कि प्रधान पाठक पर लगे आरोप किस हद तक सिद्ध होते हैं और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

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