Bilaspur News:– साइबर ठगों के खातों में होल्ड राशि अब पीड़ितों को 15 दिन में लौटाएगी पुलिस, आईजी ने दिए निर्देश

बिलासपुर। साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए पुलिस अब बैंक खातों में होल्ड कराई गई रकम की वापसी की प्रक्रिया तेज करेगी। 15 दिन से अधिक पुराने बैंक होल्ड मामलों पर तत्काल कार्रवाई कर पीड़ितों की राशि वापस कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए धारा 106 के तहत कोर्ट आदेश प्राप्त करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग ने मंगलवार को बिलासपुर रेंज के साइबर थानों, साइबर सेल और संबंधित अधिकारियों की समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए।
आईजी कार्याल में आयोजित बैठक में साइबर पोर्टल पर दर्ज शिकायतों और एफआईआर की स्थिति की बिंदुवार समीक्षा की गई। आईजी ने सभी लंबित मामलों का बिना देरी निराकरण करने को कहा। उन्होंने रेंज के सभी सामान्य थानों के लिए भी नेशनल साइबर अपराध पोर्टल पर रोजाना लॉगिन अनिवार्य करने के निर्देश दिए। पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों को उसी दिन स्वीकार कर तत्काल वैधानिक कार्रवाई करने को कहा गया। साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले फर्जी सिम पर भी पुलिस सख्ती करेगी। फर्जी या संदिग्ध सिम सक्रिय करने वाले प्वाइंट आफ सेल (पीओएस) एजेंटों के खिलाफ तत्काल एफआइआर दर्ज कर गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए। पुलिस मुख्यालय से भेजी गई म्यूल खातों की सूची के आधार पर भी तत्काल कार्रवाई कर अनुपालन रिपोर्ट भेजने को कहा गया। बैठक में ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबर, आइपी एड्रेस, वाट्सएप और टेलीग्राम खातों को प्राथमिकता से ब्लाक कराने के निर्देश दिए गए। इसकी मासिक प्रगति रिपोर्ट उच्च कार्यालय भेजी जाएगी। गिरफ्तार साइबर अपराधियों का पूरा विवरण, फिंगरप्रिंट और एफआइआर की स्थिति समन्वय पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है।आईजी गर्ग ने कहा कि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक के साथ पुलिस की कार्रवाई त्वरित और पारदर्शी होनी चाहिए। अधिकारियों को निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने और कार्रवाई का सीधा लाभ आम लोगों तक पहुंचाने की हिदायत दी गई। बैठक में एएसपी सुरेशा चौबे, डीएसपी विवेक शर्मा सहित साइबर थाना प्रभारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
15 दिन पुराने होल्ड मामलों पर होगी कार्रवाई:–
बैंकों में साइबर ठगी की रकम होल्ड होने के बाद पीड़ितों को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े, इसके लिए पुलिस ने प्रक्रिया तेज करने का निर्णय लिया है। 15 दिन से अधिक पुराने पेंडिंग बैंक होल्ड मामलों को प्राथमिकता से निपटाया जाएगा। धारा 106 के तहत कोर्ट आदेश प्राप्त करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। पुलिस और बैंक के बीच समन्वय के दौरान किसी स्तर पर रिक्वेस्ट लंबित नहीं रखने के निर्देश दिए गए हैं। उद्देश्य है कि ठगी की रकम होल्ड होने के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे जल्द से जल्द पीड़ित के खाते में वापस कराया जा सके।
फर्जी सिम बेचने वालों पर एफआइआर:–
साइबर अपराधों में फर्जी सिम का इस्तेमाल रोकने के लिए पीओएस एजेंटों पर भी पुलिस कार्रवाई करेगी। फर्जी या संदिग्ध सिम सक्रिय करने वाले एजेंटों की पहचान कर उनके खिलाफ तत्काल एफआईआर और गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस मुख्यालय से मिली म्यूल खातों की सूची के आधार पर कार्रवाई कर अनुपालन रिपोर्ट भी भेजनी होगी। इसके साथ ही साइबर ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबर, आइपी एड्रेस, वाट्सएप और टेलीग्राम खातों को ब्लाक कराया जाएगा। इससे साइबर ठगों के डिजिटल संसाधनों पर रोक लगाने के साथ उनके नेटवर्क को कमजोर करने में मदद मिलेगी।
हर थाने को रोजाना पोर्टल पर करना होगा लागिन:–
अब केवल साइबर थाने ही नहीं, बल्कि बिलासपुर रेंज के सभी सामान्य थानों को भी नेशनल साइबर अपराध पोर्टल पर रोजाना लागिन करना होगा। पोर्टल पर आने वाली शिकायतों को उसी दिन स्वीकार कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। लंबित शिकायतों और एफआईआर की नियमित समीक्षा भी होगी। इसके अलावा गिरफ्तार साइबर अपराधियों का पूरा विवरण, फिंगरप्रिंट और एफआइआर की स्थिति समन्वय पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। पंजीकृत साइबर वालंटियर्स का सत्यापन कर उन्हें साइबर अपराध के प्रति जागरूकता अभियान से जोड़ने के भी निर्देश दिए गए हैं।

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