अपराधअंबिकापुरछत्तीसगढ़राज्य एवं शहर

Ambikapur News:– लैंगिक उत्पीड़न मामले में फूड इंस्पेक्टर व सहयोगी को 5-5 साल का कारावास

Ambikapur अम्बिकापुर। नाबालिग को अवैध रूप से नौकरी पर रखकर उसके साथ लैंगिक उत्पीड़न, अश्लील हरकतें करने और धमकी देने के मामले में फास्ट ट्रैक स्पेशल रामानुजगंज कोर्ट ने तत्कालीन फूड इंस्पेक्टर निखिलेश टेम्भुनें और उसके सहयोगी एस.आर.के. उर्फ शाहरुख को दोषी ठहराते हुए 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों पर अर्थदंड भी लगाया है। साथ ही नाबालिग से राशन कार्ड संबंधी कार्य कराए जाने और आवेदकों से कथित रूप से पैसे वसूले जाने के मामले में भ्रष्टाचार की जांच के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी को निर्देश जारी किए हैं।

प्रकरण के अनुसार, नाबालिग पीड़िता की मां ने थाना रामानुजगंज में शिकायत दर्ज कराई थी कि 11 जनवरी 2022 को तत्कालीन फूड इंस्पेक्टर निखिलेश टेम्भुर्ने ने उनकी नाबालिग बेटी को अपने कार्यालय में काम पर रखा था। आरोप है कि वह एसडीएम कार्यालय से राशन कार्ड से जुड़े दस्तावेज पीड़िता के माध्यम से अपने घर मंगवाता था और घर बुलाकर उसके साथ अश्लील हरकतें करता था। शिकायत के मुताबिक आरोपी पीड़िता को जबरन गले लगाता, उसके शरीर से छेड़छाड़ करता, शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालता, कपड़े उतारने के लिए मजबूर करता तथा अश्लील वीडियो दिखाने का प्रयास करता था। विरोध करने पर नौकरी से निकालने और पूरे परिवार को जान से मरवा देने की धमकी देता था। आरोपी यह भी कहता था कि पुलिस उसके प्रभाव में है, इसलिए शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं होगी। इन धमकियों के कारण पीड़िता लंबे समय तक भय के साये में रही। पीड़िता ने जब आरोपी के चालक एस. आर. के. उर्फ शाहरुख को पूरी घटना बताई तो उसने मदद करने के बजाय कथित रूप से आरोपी का साथ दिया। उसने पीड़िता से कहा कि साहब जैसा कहते हैं वैसा करो, नहीं तो नौकरी से निकलवा देंगे।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now
  CG Crime News: 1.77 करोड़ की निवेश ठगी का आरोपी गिरफ्तार,6% रिटर्न के लालच में फंसे दर्जन भर से अधिक निवेशक

न्यायालय ने इसे अपराध में सहयोग मानते हुए उसे भी दोषी माना। पुलिस विवेचना पूरी होने के बाद न्यायालय में चालान पेश किया गया। सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश शुभ्रा पचौरी, अपर सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट रामानुजगंज ने निखिलेश टेम्भुनें को पॉक्सो अधिनियम की धारा 7/8 तथा भारतीय न्याय संहिता लागू होने से पूर्व प्रभावी भारतीय दंड संहिता की धारा 354-ए, 354-डी (2) और 506 (बी) के तहत दोषी ठहराया। न्यायालय ने उसे विभिन्न धाराओं में 3 वर्ष, 3 वर्ष और 5 वर्ष के सश्रम कारावास तथा कुल 24 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया और सह-अभियुक्त शाहरुख को पॉक्सो अधिनियम की धारा 16/17 के तहत 5 वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। दोनों दोषियों को जिला जेल रामानुजगंज भेज दिया गया। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक राजेंद्र कुमार गुप्ता ने पैरवी की।

जिला दंडाधिकारी को दिए जांच के निर्देश:–

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने यह भी माना कि नाबालिग को अवैध रूप से नौकरी पर रखकर उससे राशन कार्ड आवेदकों से कथित रूप से पैसे वसूलने का कार्य कराया गया। इस संबंध में न्यायालय ने कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी को विस्तृत जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए है

Was this article helpful?
YesNo

Live Cricket Info

RAVI TAMBOLI

एक सक्रिय और निष्पक्ष समाचार रिपोर्टर हैं, जो सामाजिक, राजनीतिक और स्थानीय मुद्दों पर सटीक व तथ्यात्मक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button