कॉलेज की घोषणा एक साल से अधूरी, बेलगहना में बढ़ा आक्रोश,संदीप शुक्ला ने सरकार को दिया 15 दिन का अल्टीमेटम,पहल नहीं हुई तो सुशासन तिहार के बहिष्कार की चेतावनी

बेलगहना में कॉलेज खोलने की घोषणा एक साल बाद भी अधूरी।संदीप शुक्ला ने सरकार और अफसरशाही पर सवाल उठाए।
15 दिन में पहल नहीं हुई तो सुशासन तिहार बहिष्कार की चेतावनी।
बिलासपुर। बेलगहना में शासकीय महाविद्यालय खोलने की मुख्यमंत्री की एक वर्ष पुरानी घोषणा पर अमल नहीं होने से नाराज पूर्व जनपद अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने 15 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर सुशासन तिहार के बहिष्कार और विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
बिलासपुर / छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार द्वारा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में विगत वर्ष सुशासन तिहार मनाया गया था, जिसमें विभिन्न विकास कार्यों की कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई थीं। इसी क्रम में वर्ष 2025 में कोटा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम खोँगसरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्रीय राज्य मंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद तोखन साहू की मांग पर बेलगहना में शासकीय महाविद्यालय खोलने की घोषणा की थी।
मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद भाजपा नेताओं के बीच श्रेय लेने की होड़ मच गई थी। इकाई अध्यक्ष से लेकर जिला अध्यक्ष तक कई नेताओं ने इसे अपनी मांग का परिणाम बताते हुए इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया था। हालांकि, घोषणा को एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इस दिशा में कोई ठोस पहल या कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है।
इस संबंध में कोटा जनपद के पूर्व जनपद अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शासन में अफसरशाही इस कदर हावी है कि प्रदेश के मुखिया की घोषणा के बावजूद एक वर्ष बीत जाने के बाद भी उसे अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि अधिकारी मुख्यमंत्री की घोषणाओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
शुक्ला ने बताया कि कोटा विधानसभा के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र बेलगहना तहसील के अंतिम छोर से नजदीकी महाविद्यालय की दूरी लगभग 80 किलोमीटर है। इस दूरी के कारण कई छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद क्षेत्र के विद्यार्थियों में नई उम्मीद जगी थी, लेकिन एक वर्ष बीतने के बाद भी कार्य शुरू नहीं होने से वह उम्मीद अब धीरे-धीरे खत्म होती नजर आ रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले वर्ष की घोषणा पर कोई प्रयास प्रारंभ नहीं होने से एक पूरा बैच उच्च शिक्षा से वंचित रह गया है। साथ ही अब पुनः शासकीय धन खर्च कर नया सुशासन तिहार मनाने की तैयारी की जा रही है, जो “आगे पाठ, पीछे सपाट” जैसी स्थिति को दर्शाता है।
पूर्व जनपद अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक पिछली घोषणाओं को पूरा नहीं किया जाता, तब तक नया सुशासन तिहार मनाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर महाविद्यालय खोलने की दिशा में कोई सार्थक पहल नहीं की गई, तो कांग्रेस पार्टी द्वारा सुशासन तिहार का बहिष्कार करते हुए विरोध प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।

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