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CG News:- पहले राशन दुकानों का बंदरबांट, पोल खुली तो जानकारी छुपा रहे अधिकारी… अब RTI पर ताला! आखिर किस बात से डर रहे अधिकारी?

CG News:- बिलासपुर में राशन दुकानों से जुड़ी जानकारी मांगना अब आसान नहीं दिख रहा। सूचना का अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कलेक्टर खाद्य शाखा बिलासपुर और एसडीएम (राजस्व) कार्यालय कोटा ने न तो तय समय पर जानकारी दी और न ही स्पष्ट जवाब दिया। अब पूरे मामले की शिकायत कलेक्टर से कर जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।

बिलासपुर। सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी को लेकर नया विवाद सामने आया है। कलेक्टर खाद्य शाखा बिलासपुर और अनुविभागीय दण्डाधिकारी (राजस्व) कार्यालय कोटा पर एक आवेदक ने निर्धारित समय सीमा में जानकारी उपलब्ध नहीं कराने तथा भ्रामक व अस्पष्ट जवाब देने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की लिखित शिकायत कलेक्टर से करते हुए हस्तक्षेप की मांग की है।
शिकायत के अनुसार करीब एक माह पहले सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत कोटा विधानसभा क्षेत्र की 12 उचित मूल्य दुकानों के पंजीयन, वैधानिक स्वीकृति और संचालन अवधि से संबंधित जानकारी मांगी गई थी। आरोप है कि कलेक्टर खाद्य शाखा ने निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई, जबकि एसडीएम कार्यालय कोटा ने आवेदन के मूल प्रश्नों का स्पष्ट उत्तर देने के बजाय जानकारी को प्रश्नवाचक बताते हुए टाल दिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि कई बार मौखिक अनुरोध के बावजूद संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई। उनका दावा है कि संबंधित जानकारी सरकारी रिकॉर्ड में उपलब्ध है और आरटीआई के तहत उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मांगी गई जानकारी सार्वजनिक होने पर संभावित आर्थिक अनियमितताओं का खुलासा हो सकता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। शिकायत अब कलेक्टर के समक्ष लंबित है और प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।

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इन दुकानों की मांगी गई जानकारी

आरटीआई आवेदन में कोटा विधानसभा क्षेत्र की कई उचित मूल्य दुकानों के पंजीयन, संचालन की वैधानिक स्वीकृति और संचालन अवधि से संबंधित अभिलेख मांगे गए हैं। इनमें राधा स्व-सहायता समूह लालपुर, स्वालम्बी महिला स्व-सहायता समूह उमरियादादर, महामाया महिला स्व-सहायता समूह सिलदहा, नव ज्योति महिला स्व-सहायता समूह सिलदहा, कस्तूरबा महिला स्व-सहायता समूह रतनपुर, पार्वती महिला स्व-सहायता समूह रतनपुर, मां महामाया महिला स्व-सहायता समूह मझवानी, मां महामाया मौली माता स्व-सहायता समूह भैंसाझार, लक्ष्मी महिला स्व-सहायता समूह नवागांव गिरजाबांध तथा जय अम्बे महिला स्व-सहायता समूह मोहदा शामिल हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि इन दुकानों के संचालन से जुड़े सभी दस्तावेज संबंधित कार्यालयों के रिकॉर्ड में उपलब्ध हैं। इसलिए सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी समय पर और स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी।

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प्रश्नवाचक बताकर जानकारी देने किया इन्कार
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि दोनों जनसूचना अधिकारियों ने सूचना देने में पारदर्शिता नहीं बरती। खाद्य शाखा द्वारा निर्धारित समय सीमा में कोई जवाब नहीं दिया गया, जबकि एसडीएम कार्यालय से प्राप्त जानकारी आवेदन में पूछे गए प्रश्नों के अनुरूप नहीं थी। शिकायत में कहा गया है कि बार-बार अनुरोध के बावजूद स्पष्ट उत्तर देने के बजाय जानकारी को प्रश्नवाचक बताकर टालने का प्रयास किया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि यदि मांगी गई जानकारी सार्वजनिक होती है तो कार्यालयीन स्तर पर संभावित आर्थिक और प्रशासनिक अनियमितताओं का खुलासा हो सकता है। शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से मांग की है कि दोनों जनसूचना अधिकारियों को सही, पूर्ण और प्रमाणित जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जाएं तथा आवश्यकता होने पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच भी कराई जाए।

अब प्रशासन के सामने ये बड़े सवाल

इस मामले के सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। यदि संबंधित उचित मूल्य दुकानों का संचालन पूरी तरह नियमों के अनुरूप है तो मांगी गई जानकारी समय पर उपलब्ध क्यों नहीं कराई गई? यदि रिकॉर्ड पूरी तरह व्यवस्थित हैं तो स्पष्ट और बिंदुवार जवाब देने में कठिनाई क्यों आई? क्या यह केवल प्रशासनिक लापरवाही है या फिर सूचना उपलब्ध कराने में अनावश्यक विलंब किया गया? शिकायतकर्ता ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग की है। फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से शिकायत पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कलेक्टर शिकायत की जांच के निर्देश देते हैं या संबंधित विभागों से स्पष्टीकरण मांगते हैं। प्रशासन की अगली कार्रवाई से ही यह स्पष्ट होगा कि मामला महज प्रक्रियागत चूक का है या फिर किसी गड़बड़ी की आशंका की जांच की जाएगी।

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RAVI TAMBOLI

एक सक्रिय और निष्पक्ष समाचार रिपोर्टर हैं, जो सामाजिक, राजनीतिक और स्थानीय मुद्दों पर सटीक व तथ्यात्मक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

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