CG News:- मलेरिया का कहर! 70 से ज्यादा संक्रमित, 3 मौतों का दावा… अस्पताल में एक बेड पर दो-दो मरीज, दो साल से नहीं बंटी मच्छरदानी!

CG News:- छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के बाद अब कबीरधाम जिले के वनांचल क्षेत्र में भी मलेरिया तेजी से पैर पसार रहा है। बोड़ला विकासखंड के झलमला सेक्टर के कई गांव संक्रमण की चपेट में हैं। ग्रामीणों का दावा है कि अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 70 से 80 से अधिक लोग संक्रमित पाए गए हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक ही बेड पर दो-दो मरीजों का इलाज करना पड़ रहा है। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले दो वर्षों से न मच्छरदानियां बांटी गईं, न फॉगिंग हुई और न ही नियमित दवा छिड़काव कराया गया, जिससे हालात बिगड़ते चले गए।
कवर्धा। कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत झलमला सेक्टर में 17 जुलाई के बाद मलेरिया के मामले तेजी से सामने आने लगे। शुरुआती दौर में संक्रमण को गंभीरता से नहीं लिए जाने के कारण समय पर रोकथाम के पर्याप्त इंतजाम नहीं हो सके। देखते ही देखते संक्रमण मुडवाही, सोनवाही, जामुनपानी, सरेंडा, बोदलपानी, समनापुर, झलमला और बहनाखोदरा सहित 8 से 10 गांवों तक फैल गया।
ग्रामीणों के मुताबिक मुडवाही निवासी 50 वर्षीय शुकवारिन बैगा, 11 वर्षीय जगदीश ध्रुवे और जामुनपानी निवासी 19 वर्षीय नरेश गोंड की मलेरिया से मौत हो चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने इन मौतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ग्रामीणों का आरोप है कि बीमारी की समय पर पहचान नहीं होने और नियंत्रण के उपायों में देरी के कारण संक्रमण तेजी से फैला।
मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण झलमला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर दबाव बढ़ गया है। अस्पताल में बेड कम पड़ने से एक ही बिस्तर पर दो-दो मरीजों का इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि संक्रामक बीमारी के दौरान इस तरह की व्यवस्था संक्रमण फैलने का खतरा और बढ़ा सकती है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से प्रभावित गांवों में मच्छरदानियों का वितरण नहीं किया गया। इसके अलावा फॉगिंग, कीटनाशक दवा का छिड़काव और नियमित स्वास्थ्य शिविर भी नहीं लगाए गए। उनका कहना है कि यही वजह है कि बीमारी तेजी से फैलती गई। ग्रामीणों के अनुसार सोनवाही गांव में पिछले 10 दिनों के भीतर 35 से अधिक मरीज मिले हैं, जबकि समनापुर में एक ही परिवार के चार सदस्य मलेरिया से संक्रमित पाए गए हैं।
मामले को गंभीर होते देख स्वास्थ्य विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है। बोड़ला के विकासखंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) पुरुषोत्तम राजपूत ने बताया कि झलमला सेक्टर के प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की 15 टीमें लगातार घर-घर जाकर सर्वे, जांच और स्क्रीनिंग कर रही हैं। रैपिड टेस्ट में संक्रमित मिलने वाले मरीजों को तत्काल दवा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि जिला स्तर की मेडिकल टीम भी लगातार निगरानी कर रही है और उपचार एवं सर्वे अभियान के चलते नए मामलों में धीरे-धीरे कमी आने लगी है।
इधर, प्रभावित गांवों के ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं, मच्छरदानियों का तत्काल वितरण किया जाए, फॉगिंग और दवा छिड़काव अभियान तेज किया जाए, ताकि संक्रमण पर जल्द काबू पाया जा सके। वनांचल क्षेत्र में तेजी से बढ़ते मलेरिया के मामलों ने एक बार फिर ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और रोकथाम के इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

Live Cricket Info



