CG News:- डीजल चोर पकड़े गए… फिर थाने से कैसे छूट गए? VIDEO वायरल होते ही SSP का एक्शन, ASI सस्पेंड

CG News: बिलासपुर के कोनी थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर ट्रक और ट्रेलर से डीजल चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के खिलाफ की गई पुलिस कार्रवाई अब सवालों के घेरे में है। पुलिस ने दबिश देकर पांच संदिग्धों को पकड़ा था, लेकिन अगले ही दिन चार लोगों को थाने से छोड़ दिया गया। सोशल मीडिया पर कार्रवाई का वीडियो वायरल होने और सवाल उठने के बाद एसएसपी रजनेश सिंह ने कोनी थाने के एएसआई उमेश उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
बिलासपुर। डीजल चोरी करने वाले गिरोह पर कार्रवाई करने निकली पुलिस अब अपनी ही कार्रवाई को लेकर कटघरे में खड़ी है। एक तरफ पुलिस ने अंतर्राज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए दो आरोपियों की गिरफ्तारी और 200 लीटर चोरी का डीजल बरामद करने का दावा किया, वहीं दूसरी ओर वायरल वीडियो में पांच लोगों को पकड़कर थाने ले जाते दिखाया गया। सवाल तब और गहरा गया, जब सोमवार सुबह उनमें से बैसाखू, राजेश, राजू और एक महिला को थाने से छोड़ दिया गया। मामला एसएसपी तक पहुंचा तो कार्रवाई सीधे जांच अधिकारी पर गिरी।

पढ़िए क्या है मामला?
11 जुलाई को एक ट्रेलर मालिक ने कोनी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि रायपुर से सिंगरौली (मध्यप्रदेश) जाने के लिए ट्रेलर में करीब 200 लीटर डीजल भरवाया गया था। रास्ते में चालक ने नेशनल हाईवे स्थित बाबी ढाबा, गतौरी के पास भोजन करने के लिए ट्रेलर खड़ा किया। इसी दौरान अज्ञात लोगों ने ट्रेलर की टंकी से करीब 150 लीटर डीजल चोरी कर लिया।
शिकायत मिलने के बाद कोनी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
ऐसे हुई दबिश, दो गिरफ्तार… तीन फरार बताने का दावा
12 जुलाई को पुलिस को सूचना मिली कि दो स्कॉर्पियो वाहनों में कुछ लोग चोरी का डीजल बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर दबिश दी।
पुलिस के मुताबिक कार्रवाई के दौरान तीन आरोपी मौके से फरार हो गए, जबकि शिवप्रसाद उर्फ छोटू लोनिया (32), निवासी सीलपुर, जिला अनूपपुर (मध्यप्रदेश) और भानु प्रसाद लोनिया (37), निवासी बरपाली भदौरियाखार को गिरफ्तार कर लिया गया।
मौके से स्कॉर्पियो क्रमांक MP-18-ZG-2645 और CG-10-BK-0938 से करीब 200 लीटर चोरी का डीजल, डीजल निकालने में इस्तेमाल होने वाले पाइप और लोहे की छड़ भी जब्त की गई।
VIDEO वायरल… और पूरी कहानी बदल गई
कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने पूरे घटनाक्रम पर सवाल खड़े कर दिए। वीडियो में कोनी थाना पुलिस ग्राम पंचायत सेमरताल के भदौरियाखार (बरपाली) में दबिश देती दिखाई दे रही है। वीडियो में बैसाखू लोनिया, उसके बेटे राजू लोनिया, राजेश लोनिया, भानु लोनिया सहित अन्य लोगों को हथकड़ी लगाकर पुलिस वाहन तक ले जाया जा रहा है।
लेकिन सोमवार सुबह बैसाखू, राजेश, राजू और एक महिला को थाने से छोड़ दिया गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे। वायरल वीडियो के साथ लेनदेन के आरोप भी लगाए गए, हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
SSP का सख्त एक्शन, ASI सस्पेंड

मामले की जानकारी मिलने पर एसएसपी रजनेश सिंह ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि पुलिस ने पांच संदिग्धों को पकड़ा था, लेकिन केवल दो की गिरफ्तारी दिखाई गई। मामले की जांच कर रहे एएसआई उमेश उपाध्याय ने वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दिए बिना ही तीन लोगों को छोड़ दिया।
एसएसपी ने एएसआई उमेश उपाध्याय के आचरण को संदिग्ध मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही सीएसपी कोतवाली गगन कुमार को पूरे मामले की प्रारंभिक जांच कर सात दिनों के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
0 गिरफ्तार आरोपी :-
- शिवप्रसाद उर्फ छोटू लोनिया (32 वर्ष), निवासी सीलपुर, जिला अनूपपुर (मध्यप्रदेश)
- भानु प्रसाद लोनिया (37 वर्ष), निवासी बरपाली भदौरियाखार, बिलासपुर
सवाल जो पीछे छूट गया…
पुलिस ने जब पांच लोगों को हिरासत में लिया था, तो केवल दो की गिरफ्तारी और बाकी लोगों को थाने से छोड़ने का आधार क्या था? वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई? क्या वायरल VIDEO सामने नहीं आता, तो यह मामला भी दब जाता? अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जांच सिर्फ एक एएसआई के निलंबन तक सीमित रहेगी या पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाएगी?

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