CG News:- ये सिर्फ आंकड़े नहीं, लौटती ज़िंदगियां हैं—69 बच्चे मिले, 579 लोग घर पहुंचे; एक महीने में 648 परिवारों में फिर जली उम्मीद, और प्रदेश में अव्वल रहते हुए बिलासपुर पुलिस ने रचा रिकॉर्ड

CGNews:-कई घरों में सूनी पड़ी चौखटें… कई आंखों में इंतज़ार… और फिर एक दिन दरवाज़ा खुलता है—सामने वही अपना खड़ा होता है, जिसे खो देने का डर दिल में बैठ चुका था। अप्रैल 2026 में बिलासपुर पुलिस का ऑपरेशन मुस्कान और ऑपरेशन तलाश ऐसे ही सैकड़ों परिवारों के लिए उम्मीद बनकर सामने आया।
बिलासपुर | 04 मई 2026छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर के निर्देश पर अप्रैल 2026 में चलाए गए ऑपरेशन मुस्कान और ऑपरेशन तलाश के तहत बिलासपुर पुलिस ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पूरे महीने चले इस विशेष अभियान में जिले की पुलिस ने 69 अपहृत बालक/बालिकाओं और 579 महिला एवं पुरुषों को दस्तयाब कर न केवल सैकड़ों परिवारों को राहत दी, बल्कि राज्य स्तर पर भी शीर्ष स्थानों में जगह बनाई।
अभियान की रणनीति और नेतृत्व
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह के निर्देशन में अभियान को गंभीरता से संचालित किया गया। जिले में लंबित सभी अपहरण मामलों की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा की गई।
सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को प्रत्येक प्रकरण में संवेदनशीलता के साथ विवेचना और विश्लेषण कर शीघ्र दस्तयाबी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए मुखबिर तंत्र को भी मजबूत किया गया, जिससे कई मामलों में अहम सुराग मिले।

राज्य से बाहर तक पहुंची टीमें
बिलासपुर पुलिस की टीमें देश के विभिन्न राज्यों में भेजी गईं। अभियान के दौरान—
- महाराष्ट्र से 02 बालिकाएं
- उड़ीसा से 01 बालिका
को सकुशल बरामद किया गया।
वहीं राज्य के भीतर विभिन्न जिलों से—
- 66 बालक/बालिकाएं
- 579 महिला एवं पुरुष
को खोजकर उनके परिजनों से मिलाया गया।
विस्तृत आंकड़े
अभियान (01 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026) के दौरान—
- कुल 69 बालक/बालिकाएं (11 बालक, 58 बालिकाएं)
- कुल 579 महिला/पुरुष (430 महिलाएं, 149 पुरुष)
को सुरक्षित दस्तयाब किया गया।
राज्य स्तर पर प्रदर्शन
- ऑपरेशन मुस्कान में 69 बच्चों की बरामदगी के साथ बिलासपुर जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा।
- ऑपरेशन तलाश में 579 महिला एवं पुरुषों की दस्तयाबी के साथ जिला द्वितीय स्थान पर रहा।
टीमवर्क की सराहना
इस उपलब्धि पर SSP रजनेश सिंह ने अभियान में जुटे सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों और विवेचकों की सराहना की। उन्होंने इसे पुलिस की प्रतिबद्धता, संवेदनशीलता और समन्वित प्रयासों का परिणाम बताया।
लौट आई सैकड़ों चेहरों की मुस्कान
इस अभियान के चलते कई बिछड़े बच्चे, महिलाएं और पुरुष अपने परिजनों से मिल पाए। परिजनों ने बिलासपुर पुलिस के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी बड़ी पहल बताया।
बिलासपुर पुलिस की यह सफलता न सिर्फ कानून–व्यवस्था की मजबूती का संकेत है, बल्कि समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का भी सशक्त उदाहरण है।
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