Bilaspur Highcourt News:– सड़कों के काम में देरी, हाईकोर्ट बोला- प्रक्रिया के नाम पर जनता को परेशान नहीं किया जा सकता

बिलासपुर। शहर में सड़कों की बदहाली और निर्माण कार्य में हो रही देरी को लेकर हाई कोर्ट ने लोक निर्माण विभाग से शपथ पत्र मांगा था। शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली सड़कों के काम में हो रही लेटलतीफी पर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने कहा है कि प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं के नाम पर जनता को लंबे समय तक परेशान नहीं किया जा सकता। सड़क जैसी आवश्यक सार्वजनिक सुविधाओं में देरी सीधे तौर पर आम जनता के जीवन को प्रभावित करती है ।
जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए नगर निगम कमिश्नर और पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता को अगले दौर की सुनवाई से पहले विस्तृत प्रगति रिपोर्ट और काम पूरा करने की समय-सीमा बताने के निर्देश दिए हैं। पिछली सुनवाई में दिए गए आदेश के परिपालन में पीडब्ल्यूडी के एसई ने बताया कि 44.59 करोड़ के काम टेंडर प्रक्रिया में हैं। इसके लिए टेंडर बुलाए गए हैं, इसमें पेंड्रीडीह से नेहरू चौक 15.37 किमी के लिए 4038.57 लाख का टेंडर 9 अप्रैल को जारी किया गया है, जिसकी अंतिम तारीख 4 मई है। देवकीनंदन चौक से महामाया चौक 1.30 किमी सड़क के लिए लगभग 1.84 करोड़ के काम के लिए 15 अप्रैल तक टेंडर बुलाए गए थे। नेहरू चौक से उसलापुर 3.20 किमी सड़क के लिए 420.98 लाख के प्रोजेक्ट के लिए तकनीकी मंजूरी मिल चुकी है। ड्राफ्ट एनआईटी को भेजी गई है।
अपोलो चौक रोड का काम प्रगति पर:–
निगम कमिश्नर ने शपथ पत्र में बताया कि अपोलो चौक से मानसी गेस्ट हाउस तक सड़क डामरीकरण का काम पूरा हो चुका है। वहीं, राजकिशोर नगर चौक और संत विहार चौक से अपोलो चौक तक बिजली खंभों की शिफ्टिंग और नाली निर्माण का काम भी खत्म कर लिया गया है वर्तमान में मानसी गेस्ट हाउस से रपटा चौक के बीच अतिक्रमण हटाने और पेड़ों के प्रत्यारोपण का काम चल रहा है।
इन अधिकारियों को देना होगा जवाब:–
हाईकोर्ट ने इस मामले में केवल सड़क निर्माण ही नहीं, बल्कि औद्योगिक विकास से जुड़े पहलुओं पर भी जवाब मांगा है। अब अगली सुनवाई तक सीएसआईडीसी के एमडी और जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक को भी अपना व्यक्तिगत शपथ पत्र पेश करने को कहा गया है।

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