मेहनत, मार्गदर्शन और आधुनिक तकनीक से बदली किसान की तकदीर

मेहनत, मार्गदर्शन और आधुनिक तकनीक से बदली किसान की तकदीर
सहायक संचालक जिला उद्यानिकी रंजना माखीजा के कुशल निर्देशन में किसान ने रचा सफलता का नया अध्याय
जांजगीर चाम्पा डोंगरी
कहते हैं कि यदि किसान को सही समय पर उचित मार्गदर्शन और आधुनिक तकनीक मिल जाए तो वह अपनी मेहनत से खेती को लाभ का मजबूत साधन बना सकता है। ऐसा ही उदाहरण ग्राम डोंगरी के प्रगतिशील किसान ओमप्रकाश कुर्रे ने प्रस्तुत किया है, जिन्होंने पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में ग्राफ्टेड बैगन की खेती कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है।
किसान के पिता का नाम सुखी राम कुर्रे है। किसान के पास लगभग 1.50 एकड़ कृषि भूमि है। पूर्व में वे मुख्य रूप से धान की खेती करते थे, जिसमें सीमित आय प्राप्त होती थी। इसके बाद उन्होंने जिला उद्यानिकी विभाग से संपर्क किया और विभाग की योजनाओं की जानकारी लेकर 0.40 एकड़ क्षेत्र में गेंदा फूल की खेती प्रारंभ की।
यह पहल सहायक संचालक जिला उद्यानिकी रंजना माखीजा के कुशल निर्देशन एवं सतत मार्गदर्शन में संभव हो सकी। विभाग द्वारा किसान को उन्नत खेती तकनीक, पौध प्रबंधन, सिंचाई व्यवस्था एवं बाजार संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई, जिससे किसान को बेहतर उत्पादन और अच्छी आमदनी प्राप्त हुई।
किसान ने बताया कि पहले धान की खेती से उन्हें सीमित लाभ मिलता था। धान उत्पादन लगभग 17 क्विंटल हुआ, जिससे कुल आय लगभग 52 हजार 700 रुपये प्राप्त हुई। खेती में खाद, मजदूरी एवं अन्य खर्च निकालने के बाद लगभग 40 हजार 700 रुपये का लाभ हुआ।
वहीं ग्राफ्टेड बैगन की खेती से उत्पादन और आमदनी दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। बैगन उत्पादन से किसान को लगभग 1 लाख 84 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई। खेती में लागत निकालने के बाद किसान को लगभग 96 हजार रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ।
किसान का कहना है कि उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन और रंजना माखीजा के सहयोग से उन्हें खेती में नई दिशा मिली है। अब वे अन्य किसानों को भी पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
जिला उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों को लगातार आधुनिक खेती, उन्नत तकनीक एवं योजनाओं से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है, जिससे जिले के किसान आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
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