NEET री-टेस्ट को लेकर छत्तीसगढ़ में ‘फोर्ट नॉक्स’ जैसी सुरक्षा व्यवस्था, रेलवे स्टेशनों से परीक्षा केंद्र तक बना हाई-लेवल सपोर्ट सिस्टम

रायपुर। NEET री-टेस्ट को लेकर छत्तीसगढ़ इस बार सुरक्षा और व्यवस्थागत तैयारियों के ऐसे स्तर पर पहुंच गया है, जिसे प्रशासनिक हलकों में “फोर्ट नॉक्स जैसी अभेद्य व्यवस्था” के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर जहां 127 परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा का बहु-स्तरीय घेरा खड़ा किया गया है, वहीं दूसरी ओर रेलवे प्रशासन ने छात्रों के लिए यात्रा से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने तक एक समर्पित सपोर्ट सिस्टम सक्रिय कर दिया है।
21 जून को होने वाली इस राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा में प्रदेशभर के 19 शहरों में स्थित 127 केंद्रों पर करीब 45,900 अभ्यर्थी शामिल होंगे। इनमें लगभग 28,100 परीक्षार्थी छत्तीसगढ़ के स्थानीय हैं, जबकि रायपुर जिले में अकेले 25 केंद्रों पर करीब 9,200 उम्मीदवार परीक्षा देंगे।

सुरक्षा का ऐसा घेरा—जहां हर स्तर पर निगरानी, हर मूवमेंट ट्रैक
परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को बहु–स्तरीय ढांचे में तब्दील कर दिया है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पुलिस बल की तैनाती की गई है, जिसकी कमान सब–इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों के हाथों में होगी।
लेकिन सुरक्षा यहीं खत्म नहीं होती। पूरे सिस्टम को क्लस्टर मॉडल में बांटा गया है—जहां हर पांच केंद्रों पर एक इंस्पेक्टर स्तर का अधिकारी निगरानी करेगा, जबकि इन क्लस्टरों पर सीधे ACP स्तर के अधिकारी रियल–टाइम मॉनिटरिंग करेंगे।
यानी, परीक्षा केंद्रों पर सिर्फ सुरक्षा नहीं, बल्कि हर गतिविधि पर एक परतदार निगरानी तंत्र सक्रिय रहेगा।

प्रश्नपत्र की सुरक्षा में CRPF और SSB की तैनाती—जीरो रिस्क मॉडल लागू
NEET परीक्षा की सबसे संवेदनशील कड़ी—प्रश्नपत्र और गोपनीय सामग्री—को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने “जीरो रिस्क मॉडल” लागू किया है।प्रश्नपत्रों की आवाजाही और भंडारण की जिम्मेदारी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के सशस्त्र जवानों को सौंपी गई है। पूरी प्रक्रिया को कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत नियंत्रित किया जा रहा है, जिससे किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या अनियमितता की संभावना को शून्य किया जा सके।
रेलवे स्टेशनों पर भी सक्रिय हुआ NEET सपोर्ट नेटवर्क
परीक्षा केवल केंद्रों तक सीमित नहीं रही—छात्रों की यात्रा भी अब इस व्यवस्था का हिस्सा बन गई है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने रायपुर और दुर्ग रेलवे स्टेशनों को अस्थायी “NEET सपोर्ट हब” में बदल दिया है। South East Central Railway ने यहां बड़े टीवी स्क्रीन के जरिए परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के रूट मैप प्रदर्शित करना शुरू किया है, ताकि बाहर से आने वाले अभ्यर्थियों को किसी तरह की भटकाव की स्थिति का सामना न करना पड़े।
स्टेशनों पर विशेष हेल्प डेस्क, प्रतीक्षा क्षेत्र और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं भी सक्रिय कर दी गई हैं। इसके साथ ही रेलवे स्टाफ और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को यात्रियों की सहायता और भीड़ प्रबंधन के लिए तैनात किया गया है।
SECR रायपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (SrDCM) अवदेश कुमार त्रिवेदी के अनुसार, यह पूरा मॉडल विशेष रूप से NEET अभ्यर्थियों की आवाजाही को आसान और तनावमुक्त बनाने के उद्देश्य से लागू किया गया है।
प्रशासन का संदेश—समय से पहले पहुंचें, व्यवस्था में सहयोग करें
पुलिस और रेलवे दोनों प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी समय से पहले अपने केंद्रों पर पहुंचें और सुरक्षा एवं व्यवस्था में तैनात कर्मियों के निर्देशों का पालन करें।प्रशासनिक अधिकारियों का दावा है कि यह पूरी व्यवस्था केवल सुरक्षा नहीं, बल्कि “निष्पक्षता, पारदर्शिता और सुचारू संचालन” की गारंटी सुनिश्चित करने के लिए तैयार की गई है।
NEET री–टेस्ट को लेकर छत्तीसगढ़ में खड़ा यह संयुक्त सुरक्षा और सपोर्ट मॉडल अब देशभर में एक उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है—जहां परीक्षा सिर्फ एक इवेंट नहीं, बल्कि एक पूरी तरह नियंत्रित और संरक्षित प्रशासनिक ऑपरेशन बन चुकी है।
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