CG Crime News:– 20 लाख की फिरौती, पिस्टल और अपहरण का खेल… जांच में खुला गांजे के लेनदेन का कनेक्शन! कोरापुट से पकड़े गए अंतरराज्यीय किडनैपर, व्यापारी को पुलिस ने छुड़ाया

CG Crime News:– गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही में हुए सनसनीखेज अपहरण कांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। जिस वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी, उसके पीछे की कहानी अब सामने आने लगी है। घर के सामने से पिस्टल की नोक पर व्यापारी को उठाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने ओड़िशा के कोरापुट से गिरफ्तार कर लिया है। अपहरणकर्ताओं के चंगुल में फंसे किराना व्यवसायी को पुलिस ने सकुशल छुड़ा लिया।
मामले में चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि यह अपहरण किसी सामान्य दुश्मनी का नतीजा नहीं, बल्कि गांजे के अवैध कारोबार में हुए लेनदेन के विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।
घर के बाहर से उठा ले गए थे व्यापारी को
20 जून की सुबह मरवाही थाना क्षेत्र के ग्राम उषाढ निवासी 41 वर्षीय किराना व्यवसायी गिरीश यादव पिता रंजीत यादव अपने घर पर थे। इसी दौरान दो अज्ञात लोग वहां पहुंचे और पिस्टल दिखाकर उन्हें जबरन बलेनो कार में बैठा लिया।
कुछ ही देर में व्यापारी के गायब होने की खबर पूरे इलाके में फैल गई। परिजनों ने मरवाही थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। व्यापारी की पत्नी ने पुलिस को बताया कि दो लोग घर आए थे और हथियार के बल पर उसके पति को अपने साथ ले गए।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपहरण और आर्म्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
20 लाख की फिरौती ने बढ़ाई पुलिस की चुनौती
अपहरण के बाद आरोपियों ने व्यापारी के घर में मौजूद मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। फोन पर उन्होंने गिरीश यादव को छोड़ने के एवज में 20 लाख रुपये की मांग रखी।
आरोपियों ने रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि व्यापारी को सुरक्षित कैसे बचाया जाए और अपहरणकर्ताओं तक कैसे पहुंचा जाए।
साइबर टीम की तकनीकी जांच से पहुंची पुलिस
एडिशनल एसपी अविनाश मिश्रा के नेतृत्व में जिला साइबर सेल जीपीएम और मरवाही थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मोर्चा संभाला।
पुलिस ने संदिग्ध मोबाइल नंबरों की सीडीआर, टावर लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया। तकनीकी जांच में पुलिस को आरोपियों के मूवमेंट और ठिकाने की जानकारी मिली।
जांच का सिरा ओड़िशा के कोरापुट तक पहुंचा।
कोरापुट में दबिश, किडनैपर गिरफ्तार
पुलिस टीम ने बिना देर किए ओड़िशा के कोरापुट में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अपहृत व्यापारी गिरीश यादव को आरोपियों के कब्जे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
वहीं मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल हथियार और वाहन भी जब्त किए हैं।
किडनैपरों के पास मिला पुलिस लिखा वाहन!
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से—
* एक पिस्टल
* 6 जिंदा कारतूस
* 6 एंड्राइड मोबाइल फोन
* एक स्कॉर्पियो एन वाहन
* वाहन में लगी नीली बत्ती और पुलिस लिखा प्लेट
बरामद किया है।
गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लिया गया है। वहीं फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
अपहरण के पीछे गांजा कारोबार का एंगल
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा ट्विस्ट जांच के दौरान सामने आया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में पता चला है कि अपहृत व्यापारी गिरीश यादव कथित तौर पर गांजे के अवैध कारोबार से जुड़ा हुआ था।
इसी कारोबार में पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद गहराया और इसी विवाद ने अपहरण की वारदात का रूप ले लिया। हालांकि पुलिस अभी पूरे मामले की जांच कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी
पुंडलिक केंद्रे
पिता लक्ष्मण केंद्रे, उम्र 37 वर्ष
निवासी उमरगा (रेतू), थाना जलकोट, जिला लातूर महाराष्ट्र
चंद्रशेखर
पिता गंगाराम, उम्र 30 वर्ष
निवासी बाशनी जोधपुर, सरस्वती नगर ओम कॉलोनी, जिला जोधपुर राजस्थान
शेषपाल सिंह
पिता हरि प्रसाद सिंह, उम्र 30 वर्ष
निवासी नगला भिक्की सुराया, थाना एंका, जिला फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश
अब पुलिस की जांच इस बात पर टिकी है कि इस अपहरण की साजिश में और कितने चेहरे शामिल हैं और गांजा कारोबार का यह नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है।
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