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CG News:-फर्नीचर घोटाला फिर सुर्खियों में… ACB ने 8 हेड मास्टरों को दस्तावेजों समेत किया तलब, 15 साल पुरानी फाइल दोबारा खुली

CG News: उत्तर छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में वर्ष 2010-11 के बहुचर्चित फर्नीचर घोटाले की जांच ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने ओड़गी विकासखंड के आठ सरकारी स्कूलों के हेड मास्टरों को मूल दस्तावेजों के साथ 4 अगस्त 2026 को अंबिकापुर कार्यालय में पेश होने का निर्देश दिया है। एसीबी की इस कार्रवाई से एक बार फिर शिक्षा विभाग और स्थानीय सियासत में हलचल तेज हो गई है।

 

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सरगुजा। करीब 15 साल पुराने फर्नीचर घोटाले की जांच में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ा कदम उठाया है। उप पुलिस अधीक्षक, एसीबी अंबिकापुर प्रमोद कुमार खेस ने ओड़गी के बीईओ को पत्र जारी कर उन सभी स्कूलों के प्रधान पाठकों (हेड मास्टरों) को दस्तावेजों सहित एसीबी कार्यालय भेजने के निर्देश दिए हैं, जहां वर्ष 2010-11 में फर्नीचर की आपूर्ति की गई थी।

 

भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के मामले में हो रही जांच

 

एसीबी के पत्र के अनुसार यह जांच धारा 13(1)(डी), 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 120-बी के तहत एस.पी. पाण्डेय एवं अन्य के विरुद्ध दर्ज प्रकरण में की जा रही है।

 

2.70 करोड़ की खरीदी पर उठे सवाल

 

पत्र में उल्लेख किया गया है कि राजीव गांधी शिक्षा मिशन (सर्व शिक्षा अभियान) के तहत वर्ष 2010-11 में माध्यमिक शालाओं के लिए फर्नीचर खरीदी हेतु 2.70 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। जिला कार्यालय राजीव गांधी शिक्षा मिशन, अंबिकापुर द्वारा सीएसआईडीसी दरों पर फर्नीचर खरीदने का प्रस्ताव तैयार कर कलेक्टर एवं जिला संचालक के आदेशानुसार विकासखंड ओड़गी के विभिन्न विद्यालयों में श्याम इंडस्ट्री, सूरजपुर को फर्नीचर आपूर्ति का आदेश दिया गया था।

 

जांच में सामने आई बड़ी गड़बड़ी

 

एसीबी की विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कई स्कूलों में रिकॉर्ड के अनुसार फर्नीचर की आपूर्ति नहीं हुई, जबकि कुछ स्थानों पर अलग-अलग मात्रा में फर्नीचर प्रदाय किए जाने का उल्लेख मिला है। इसी कारण अब वास्तविक स्थिति का मिलान करने के लिए संबंधित स्कूलों से मूल रिकॉर्ड मांगा गया है।

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हेड मास्टरों से मांगे गए ये दस्तावेज

 

एसीबी ने सभी संबंधित प्रधान पाठकों को निर्देश दिया है कि वे वर्ष 2010-11 से संधारित मूल स्टॉक रजिस्टर, फर्नीचर प्राप्ति की मूल पावती, कार्यालयीन सील सहित अन्य संबंधित अभिलेख लेकर 4 अगस्त 2026 को अनिवार्य रूप से उप पुलिस अधीक्षक, एंटी करप्शन ब्यूरो, अंबिकापुर कार्यालय में उपस्थित हों।

 

बीईओ को सख्त निर्देश

 

एसीबी ने अपने पत्र में स्पष्ट लिखा है कि मामला गंभीर प्रकृति का है, इसलिए प्राथमिकता के आधार पर संबंधित प्रधान पाठकों को तत्काल आदेशित किया जाए और तय तिथि पर उनकी उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित कराई जाए।

 

इन स्कूलों के हेड मास्टर तलब

 

एसीबी ने जिन स्कूलों के प्रधान पाठकों को दस्तावेजों के साथ बुलाया है, उनमें शामिल हैं—

 

* माध्यमिक शाला पठारीटोला

* माध्यमिक शाला बेगारीडांड

* माध्यमिक शाला सहपा

* माध्यमिक शाला कुबेरपुर

* माध्यमिक शाला पश्चिमपारा

* माध्यमिक शाला नवाटोला

* माध्यमिक शाला धरसेड़ी

* माध्यमिक शाला टोमो

* माध्यमिक शाला दवनसरा

एसीबी की इस कार्रवाई के बाद वर्षों पुराने फर्नीचर घोटाले की जांच एक बार फिर चर्चा में आ गई है। अब सबकी नजर 4 अगस्त को होने वाली दस्तावेजों की जांच और एसीबी की अगली कार्रवाई पर टिकी है।                                                                           

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समाचार रिपोर्टर के रूप में उनका उद्देश्य समाज की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर प्रशासन तक पहुँचाना है।

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