CG News:- पुलिया धंसी… पुल पर अटक गई 35 यात्रियों से भरी बस! बिलासपुर-पेंड्रा मार्ग ठप, यूपी-एमपी का संपर्क भी प्रभावित

CG News:- कुछ सेकंड का फर्क और बड़ा हादसा हो सकता था। बिलासपुर-पेंड्रा मार्ग पर बांसाझाल चपोरा आश्रम के पास पुलिया का बीच हिस्सा अचानक धंस गया। उसी समय पेंड्रा से बिलासपुर आ रही करीब 35 यात्रियों से भरी पुष्पराज बस पुलिया में फंस गई। राहत की बात रही कि सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना के बाद बिलासपुर-रतनपुर होकर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया।

बिलासपुर। रविवार को बिलासपुर-पेंड्रा मुख्य मार्ग पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बांसाझाल चपोरा आश्रम के पास पुलिया का बीच हिस्सा अचानक धंस गया। इसी दौरान पुष्पराज बस (CG 10 G 1464) पेंड्रा से बिलासपुर की ओर आ रही थी और पुलिया के बीचों-बीच फंस गई। बस में करीब 35 यात्री सवार थे। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों और प्रशासन की मदद से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
आवागमन ठप, यूपी-एमपी जाने वाले हजारों यात्री फंसे

पुलिया धंसते ही बिलासपुर-पेंड्रा मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। सड़क के दोनों ओर बसों, ट्रकों और अन्य वाहनों की लंबी कतार लग गई। लोगों को घंटों तक रास्ता खुलने का इंतजार करना पड़ा।

यह मार्ग बिलासपुर-रतनपुर होते हुए मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। रोजाना हजारों यात्री और मालवाहक वाहन इसी रास्ते से गुजरते हैं। ऐसे में पुलिया धंसने से स्थानीय आवागमन के साथ-साथ अंतरराज्यीय यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हो गया।
अधूरा नया पुल बना सवालों के घेरे में.
घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा भी सामने आया। लोगों का कहना है कि यदि नए पुल का निर्माण समय पर पूरा कर लिया गया होता तो आज यह स्थिति नहीं बनती। पुलिया धंसने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और जिम्मेदार एजेंसियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल…
अगर बस कुछ फीट और आगे बढ़ जाती तो क्या होता? क्या 35 यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी? आखिर इतने महत्वपूर्ण मार्ग की पुलिया जर्जर होने के बावजूद समय रहते मरम्मत क्यों नहीं कराई गई? और बिलासपुर-रतनपुर होकर यूपी और एमपी को जोड़ने वाले इस अहम मार्ग पर नया पुल अब तक अधूरा क्यों है? फिलहाल बड़ा हादसा तो टल गया, लेकिन इस घटना ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और जिम्मेदारों की जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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