CG Crime News:- इलाज कराने गए रिटायर्ड टीचर को आधी रात कार से उतारा, डंडा दिखाकर ₹1200 लूटे; रतनपुर पुलिस ने रातोंरात दबोचे 3 नाबालिग समेत 5 आरोपी

CG Crime News:- इलाज कराकर घर लौट रहे 63 साल के रिटायर्ड टीचर को आधी रात रास्ते में घेरा, कार से उतारा और डंडा दिखाकर धमकाते हुए जेब से ₹1200 लूट लिए। वारदात के बाद आरोपी ऑटो से भाग निकले, लेकिन रतनपुर पुलिस ने रात में ही सुराग जोड़कर तीन नाबालिग समेत पांच आरोपियों को चंद घंटों में दबोच लिया। लूट की रकम में से ₹1000 और वारदात में इस्तेमाल ऑटो भी बरामद हो गया।
बिलासपुर/रतनपुर। इलाज कराकर घर लौट रहे 63 वर्षीय रिटायर्ड शिक्षक को आधी रात रास्ते में रोकना और फिर डंडा दिखाकर लूट लेना—रतनपुर में हुई इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। महामाया चौक पर ऑटो सवार युवकों ने रिटायर्ड टीचर को कार से नीचे उतारा, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी देकर जेब से ₹1200 लूट लिए। शिकायत मिलते ही रतनपुर पुलिस ने रात में ही आरोपियों की तलाश शुरू कर दी और घटना के चंद घंटों के भीतर दो युवकों और तीन विधि से संघर्षरत बालकों समेत पांच आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूट की रकम में से ₹1000 और वारदात में इस्तेमाल ऑटो बरामद किया है।
इलाज कराने गए थे, लौटते समय घेर लिया
ग्राम कर्रा निवासी युवराज सिंह प्रधान (63) सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। सोमवार की रात वे इलाज कराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रतनपुर गए थे। इलाज के बाद वह अपनी कार से घर लौट रहे थे।
रात करीब 12 बजे महामाया चौक स्थित कृष्णा ट्रेडर्स के पास पहुंचे ही थे कि ऑटो सवार कुछ युवक वहां पहुंचे। आरोप है कि युवकों ने उनकी कार रुकवाई और उन्हें जबरन नीचे उतार लिया।
पैसे मांगे, मना किया तो डंडा दिखाकर धमकाया
आरोपियों ने रिटायर्ड शिक्षक के साथ गाली-गलौज करते हुए पैसे की मांग की। युवराज सिंह ने जब पैसे नहीं होने की बात कही तो आरोपियों ने हाथ में रखे डंडे दिखाकर जान से मारने की धमकी दी।
इसके बाद आरोपियों ने उनकी पेंट की जेब से ₹1200 निकाल लिए और ऑटो से मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी। रतनपुर पुलिस ने शिकायत पर अपराध दर्ज कर आरोपियों की तलाश तत्काल शुरू कर दी।
रात में ही पुलिस ने शुरू कर दी घेराबंदी
मामले की गंभीरता को देखते हुए रतनपुर पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। अधिकारियों के निर्देश पर तत्काल पुलिस टीम गठित की गई।
पीड़ित द्वारा बताए गए आरोपियों के हुलिए, ऑटो और अन्य सुरागों को आधार बनाकर पुलिस ने रात में ही संदिग्धों की पतासाजी शुरू कर दी।
जांच के दौरान पता चला कि ऑटो सवार युवकों का संबंध सरकंडा के इमलीभाठा क्षेत्र से है। इसके बाद पुलिस टीम ने संभावित आरोपियों के घरों की घेराबंदी शुरू कर दी।
घरों में घेराबंदी, पांच आरोपी हिरासत में
थाना प्रभारी निलेश पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए राहुल दुबे (25), पवन कुमार गौहर (19) और तीन विधि से संघर्षरत बालकों को हिरासत में लिया।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान सभी ने रिटायर्ड शिक्षक के साथ लूटपाट की घटना को स्वीकार किया।
₹1200 लूटे थे, ₹1000 बरामद; ऑटो भी जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूट की रकम में से ₹1000 नगद बरामद किए हैं। इसके साथ ही वारदात में इस्तेमाल किया गया ऑटो भी जब्त कर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में राहुल दुबे (25), पवन कुमार गौहर (19) और तीन नाबालिग शामिल हैं। सभी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई है। आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है, जबकि नाबालिगों के संबंध में किशोर न्याय प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई।
चंद घंटों में खुला लूट का मामला
इस पूरी कार्रवाई में पुलिस की तेजी देखने को मिली। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने रात में ही संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी और कुछ ही घंटों में पांच आरोपियों तक पहुंच गई।
रिटायर्ड शिक्षक को रोककर की गई लूट के मामले में पुलिस ने रकम और वारदात में इस्तेमाल ऑटो बरामद कर लिया है।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निलेश पाण्डेय, सउनि नीलाकर सेठ, आरक्षक आकाश डोंगरे, धीरज कश्यप, देवानंद चंद्राकर, बसंत मानिकपुरी, हरनारायण नेटी, मोरदध्वज चंद्रा और धनराज कुम्भकार का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

रात के अंधेरे में रिटायर्ड टीचर को घेरकर लूटने वाले आरोपी वारदात के बाद शायद बच निकलने की सोच रहे थे, लेकिन रतनपुर पुलिस ने सुराग जोड़ते हुए कुछ ही घंटों में उन्हें ढूंढ निकाला।

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