CGST Raid, CG News:- रायगढ़ में CGST की रेड, प्लांट में घंटों चला दस्तावेजों का ‘ऑपरेशन’; ITC ट्रांजेक्शन पर पैनी नजर

CG News:- रायगढ़ में CGST की दबिश से कारोबारी हलकों में खलबली मच गई। जोरापाली स्थित प्लांट में पहुंची केंद्रीय GST टीम ने घंटों कंपनी के दस्तावेज, बिलिंग सिस्टम, भुगतान और टैक्स रिकॉर्ड खंगाले। कार्रवाई के केंद्र में Input Tax Credit (ITC) से जुड़े कुछ लेन-देन बताए जा रहे हैं। हालांकि, जांच में क्या निकला, विभाग ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं।
रायगढ़। केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग की टीम बुधवार को जोरापाली इलाके में स्थित एक प्लांट पहुंची। टीम के पहुंचते ही कंपनी में हलचल बढ़ गई। अधिकारियों ने एक-एक कर कारोबारी दस्तावेजों और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल शुरू की। बिलिंग से लेकर भुगतान और टैक्स से संबंधित कागजात तक, घंटों जांच का सिलसिला चलता रहा।
प्रारंभिक तौर पर इस कार्रवाई को टैक्स में संभावित अनियमितता और ITC से जुड़े लेन-देन की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, विभाग की ओर से अभी तक कार्रवाई को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
0 ITC के खेल पर CGST की नजर?
बताया जा रहा है कि संबंधित फर्म की कारोबारी गतिविधियों और वित्तीय लेन-देन को लेकर विभाग पहले से जानकारी जुटा रहा था। इसी दौरान ITC से जुड़े कुछ ट्रांजेक्शन विभाग की नजर में आए। इसके बाद टीम ने प्लांट पहुंचकर संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल की।
अधिकारियों ने उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर यह समझने की कोशिश की कि कंपनी की टैक्स संबंधी गतिविधियां नियमों के मुताबिक हैं या नहीं। जांच में खरीद-बिक्री और उससे जुड़े टैक्स रिकॉर्ड भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
0 बिलिंग से पेमेंट तक… कुछ नहीं छोड़ा
CGST की टीम ने प्लांट पहुंचकर कंपनी के बिलिंग सिस्टम को जांचा। भुगतान से जुड़े दस्तावेज, टैक्स रिकॉर्ड और अन्य कारोबारी कागजात भी खंगाले गए। मौके पर मौजूद कर्मचारियों से कंपनी की गतिविधियों और दस्तावेजों को लेकर सवाल-जवाब भी किए गए।
डिजिटल कारोबार के दौर में विभाग इलेक्ट्रॉनिक बिलिंग और ऑनलाइन पेमेंट से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाल सकता है। ऐसे में इस कार्रवाई में डिजिटल रिकॉर्ड भी जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
GST व्यवस्था के तहत पात्र खरीद पर चुकाए गए टैक्स का क्रेडिट कारोबारी अपनी टैक्स देनदारी में समायोजित कर सकते हैं। लेकिन यदि किसी लेन-देन में नियमों के विपरीत ITC का दावा या इस्तेमाल होने की आशंका हो, तो विभाग बिल, भुगतान और संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर सकता है। रायगढ़ में हुई कार्रवाई में भी इसी एंगल से दस्तावेजों की पड़ताल की जानकारी सामने आई है।
0 रेड के बाद सबसे बड़ा सवाल—क्या मिला?
CGST की कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर घंटों चली जांच में अधिकारियों के हाथ क्या लगा? फिलहाल विभाग ने न तो किसी टैक्स चोरी की पुष्टि की है और न ही यह बताया है कि जांच के दौरान कोई दस्तावेज या रिकॉर्ड जब्त किया गया है।
अब प्लांट से मिले दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की विस्तृत जांच के बाद ही स्थिति साफ होने की उम्मीद है। यदि जांच में GST नियमों का उल्लंघन या ITC से जुड़ी अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित फर्म के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई हो सकती है।
फिलहाल CGST की इस दबिश ने रायगढ़ के कारोबारी गलियारों में सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं—घंटों चली पड़ताल में विभाग को क्या मिला, इसका खुलासा कब होगा?

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