कोलवाशरी प्रबंधन की मनमानी से अमाली मार्ग जाम, ग्रामीणों में आक्रोश; कलेक्टर घेराव की चेतावनी

बिलासपुर/कोटा। कोलवाशरी के भारी वाहनों की आवाजाही से कोटा क्षेत्र के ग्राम अमाली का पहुंच मार्ग पूरी तरह जाम हो गया है। ग्रामीणों के मुताबिक, बुधवार दोपहर करीब 1 बजे से सड़क पर 100 से 150 हाइवा वाहनों की लंबी कतार लगी हुई है। हालात ऐसे हैं कि चारपहिया और ट्रैक्टर तो दूर, लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार कोयला लोड हाइवा वाहनों के आवागमन से सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढों और कीचड़ के कारण मार्ग चलने लायक नहीं रह गया है। इसी समस्या के विरोध में ग्रामीणों ने गांव के प्रवेश मार्ग के पास गड्ढा खोद दिया, जिसके बाद हाइवा वाहनों की कतार और लंबी हो गई।
मैनेजर पर ग्रामीणों ने लगाया गैर-जिम्मेदाराना रवैये का आरोप
स्थानीय सरपंच हितेंद्र सिंह और ग्रामीण छोटू जायसवाल के अनुसार, गतवा फाटक-अमाली क्षेत्र में संचालित तीन-चार कोलवाशरी डिपो के कारण भारी वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पंच, सरपंच, उपसरपंच और जनपद सदस्यों ने जब सड़क और यातायात व्यवस्था को लेकर कोलवाशरी मैनेजर से चर्चा की, तो कथित तौर पर उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
ग्रामीणों का आरोप है कि मैनेजर ने कथित तौर पर कहा कि “जो करना है कर लो, ट्रक तो यहीं से चलेंगे।” इस कथित बयान को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
बदहाल सड़क पर पलटा ऑटो
सड़क की खराब स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसी मार्ग पर एक ऑटो भी पलट गया। इससे ऑटो चालक को परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क की जल्द मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
पांच गांवों के ग्रामीणों ने दिया अल्टीमेटम
अमाली, लमेरपारा, लमकनिहापारा, बिल्लबंद और धरमपुरा गांव के ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सड़क की मरम्मत कराने और हाइवा वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि आज शाम तक सड़क की स्थिति में सुधार नहीं हुआ और हाइवा वाहनों का सुचारू प्रबंधन नहीं किया गया, तो पांचों गांवों के ग्रामीण एकजुट होकर जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं होने पर वे आंदोलन को और उग्र करने के लिए मजबूर होंगे।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि कोलवाशरी प्रबंधन की गतिविधियों की जांच कर सड़क की मरम्मत तत्काल कराई जाए तथा भारी वाहनों के लिए उचित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।



