CG News:- अजब-गजब! कोबरा ने डसा, इलाज कराने अस्पताल पहुंचा मरीज तो डॉक्टरों ने रखी ऐसी शर्त अजीब कहा – पहले ‘सांप’ लेकर आओ; एक घंटे की मशक्कत के बाद बिल से निकला’डसने वाला’ नाग

CG News:- घर के अंदर झाड़ी साफ करते वक्त कोबरा ने रामदयाल को डसा, स्वजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे; उपचार से पहले सांप की पहचान की बात सामने आई तो स्नेक कैचर टीम ने बिल में छिपे कोबरा को एक घंटे की मशक्कत के बाद पकड़ा, पहचान के बाद शुरू हुआ इलाज—मरीज अब खतरे से बाहर।
कोरबा। दादर क्षेत्र में घर के अंदर झाड़ी साफ कर रहे रामदयाल के साथ अचानक हादसा हो गया। जमीन में बने बिल के पास पहुंचते ही कोबरा बाहर निकला और उसे डस लिया। घटना के बाद स्वजन बिना देर किए रामदयाल को जिला मेडिकल कालेज अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने सांप की पहचान के लिए उसे साथ लाने को कहा। इसके बाद अस्पताल से स्नेक कैचर टीम को सूचना दी गई। टीम मौके पर पहुंची और बिल में छिपे कोबरा को करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद बाहर निकाला। सांप को सुरक्षित डिब्बे में बंद कर पहचान के लिए अस्पताल लाया गया। कोबरा की पहचान होने के बाद रामदयाल का उपचार शुरू किया गया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है और उसे खतरे से बाहर बताया जा रहा है।
पढ़िए, कैसे हुई पूरी घटना?
रामदयाल ने बताया कि वह घर के अंदर झाड़ी साफ कर रहा था। इसी दौरान जमीन में बने एक बिल के पास पहुंचते ही अचानक कोबरा बाहर निकला और उसे डस लिया। डसने के बाद सांप वापस उसी बिल में घुस गया। रामदयाल ने बिना देर किए स्वजन के साथ अस्पताल पहुंचकर इलाज कराया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने उपचार से पहले सांप की पहचान करने की बात कही। स्वजन ने बताया कि डसने के बाद कोबरा उसी बिल में चला गया है। इसके बाद स्नेक कैचर टीम को सूचना दी गई। टीम मौके पर पहुंची और सावधानी से बिल की तलाश शुरू की। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद कोबरा को बाहर निकाला गया। उसे सुरक्षित तरीके से पकड़कर डिब्बे में रखा गया और पहचान के लिए अस्पताल लाया गया।
बिल में छिपा था कोबरा, एक घंटे बाद आया पकड़ में
स्नेक कैचर टीम के सामने चुनौती थी कि कोबरा बिल के अंदर छिपा बैठा था। टीम ने सावधानी से रेस्क्यू अभियान चलाया। करीब एक घंटे बाद नाग को बिल से बाहर निकाला गया और सुरक्षित डिब्बे में बंद कर अस्पताल लाया गया। पहचान कोबरा के रूप में होने के बाद चिकित्सकों ने रामदयाल का उपचार शुरू किया। रेस्क्यू किए गए कोबरा को बाद में सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया।
अस्पताल में सांप की तस्वीर मांगने पर पहले भी उठे सवाल
जिला मेडिकल कालेज अस्पताल में सर्पदंश के मरीजों के उपचार से पहले सांप की पहचान को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। पूर्व में एक सर्पदंश पीड़ित को अस्पताल लाए जाने पर चिकित्सकों की ओर से डसने वाले सांप की तस्वीर लाने के लिए कहा गया था। इस पर परिजनों और लोगों ने सवाल उठाया था कि सर्पदंश के मरीज में प्राथमिकता उसकी हालत और चिकित्सकीय परीक्षण को मिलनी चाहिए या सांप की पहचान को। अब दादर के मामले में अस्पताल पहुंचने के बाद सांप को ही पकड़कर लाने को कहे जाने की जानकारी सामने आई है। इससे सर्पदंश के उपचार की प्रक्रिया और अस्पताल की व्यवस्था एक बार फिर चर्चा में है।
बिलासपुर के फर्जीवाड़े के बाद सत्यापन भी अहम
बिलासपुर में सामने आए फर्जी मुआवजा प्रकरण के बाद सर्पदंश से जुड़े मामलों में घटना की वास्तविकता, चिकित्सकीय परीक्षण और उपलब्ध साक्ष्यों के सत्यापन को लेकर भी गंभीरता बढ़ी है। दादर की घटना में सांप को मौके से रेस्क्यू कर अस्पताल लाया गया और उसकी पहचान कराई गई।
बारिश में बढ़ जाता है सांप–बिच्छुओं का खतरा
वर्षा के मौसम में सांप और बिच्छू बिलों से बाहर निकलने लगते हैं। ऐसे में घर के आसपास झाड़ियों और कचरे की नियमित सफाई रखने की सलाह दी गई है। सांप दिखाई देने पर उसे खुद पकड़ने या छेड़ने के बजाय विशेषज्ञ स्नेक कैचर की मदद लेने की अपील की गई है।
फिलहाल रामदयाल की हालत स्थिर है और उसे खतरे से बाहर बताया गया है। दादर की इस घटना में एक तरफ समय पर अस्पताल पहुंचा मरीज है, तो दूसरी तरफ बिल में छिपा वह कोबरा, जिसकी पहचान के बाद उपचार शुरू हुआ। अब चर्चा इस बात की है कि सर्पदंश के मामले में मरीज के इलाज के साथ सांप की पहचान की प्रक्रिया किस तरह और कितनी जरूरी है।
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