CG News:- चार महीने बाद शुरू हुआ धरती आबा का निर्माण, अब गुणवत्ता पर सवाल! 16 एमएम की जगह 12 एमएम सरिया लगाने का आरोप; विभागीय अमला नदारद

CG News:-धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत स्वीकृत अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्यों में देरी के बाद अब गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। मिट्ठूनवागांव में तय समय से करीब चार महीने बाद निर्माण आगे बढ़ा, शिकायतों के बाद अधिकारी सक्रिय हुए और विभाग के मुख्य सचिव के संज्ञान में मामला पहुंचा। अब परसापानी के आदिवासी बालक और कन्या छात्रावास में 16 एमएम की जगह 12 एमएम की सरिया लगाए जाने का आरोप सामने आया है। जबकि इधर कुरदर आश्रम में वर्क ऑर्डर की अवधि खत्म होने के बाद काम शुरू होने की बात कही जा रही है, जबकि कंचनपुर आश्रम में निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हुआ है। मिट्ठूनवागांव आश्रम के पिलर में सरिया दिखाई देने और मौके पर विभागीय अमला नहीं रहने के आरोपों के बीच पूरे निर्माण की तकनीकी जांच की मांग उठ रही है।

बिलासपुर। कोटा विकासखंड के बेलगहना इलाके के ग्राम पंचायत मिट्ठूनवागांव में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत स्वीकृत शासकीय आदिवासी बालक छात्रावास के अतिरिक्त कक्ष निर्माण को लेकर पहले देरी और अब गुणवत्ता के सवाल सामने आ रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक तय समय से करीब चार महीने बाद भी निर्माण अपेक्षित गति से नहीं हुआ। शिकायत के बाद अधिकारी हरकत में आए और विभाग के मुख्य सचिव के संज्ञान में मामला पहुंचने के बाद निर्माण कार्य पर निगरानी को लेकर हलचल बढ़ी।
चार महीने की देरी के बाद अब गुणवत्ता पर सवाल
मिट्ठूनवागांव में निर्माण कार्य तय समय से करीब चार महीने पीछे चलने की शिकायत के बाद काम में तेजी आने की बात सामने आई। लेकिन अब निर्माण के शुरुआती चरण में ही गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि RCC कॉलम में कंक्रीटिंग सही तरीके से नहीं की जा रही। इसकी तकनीकी पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही होगी।
परसापानी में 16 की जगह 12 एमएम सरिया का आरोप

परसापानी के आदिवासी बालक और कन्या छात्रावास के अतिरिक्त कक्ष निर्माण में 16 एमएम की जगह 12 एमएम की सरिया लगाए जाने का आरोप सामने आया है। यदि यह आरोप सही पाया जाता है तो निर्माण में निर्धारित मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े होंगे। फिलहाल इसकी पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी।
कहीं काम शुरू नहीं, कहीं वर्क ऑर्डर के बाद निर्माण
कुरदर आश्रम में वर्क ऑर्डर की अवधि खत्म होने के बाद काम शुरू होने की बात सामने आई है। वहीं कंचनपुर आश्रम में निर्माण कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है। इससे निर्माण की समय–सीमा, कार्यप्रणाली और विभागीय निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।
मिट्ठूनवागांव के पिलर में दिख रही सरिया

मिट्ठूनवागांव आश्रम के पिलर में सरिया दिखाई देने की बात भी सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर विभाग का इंजीनियर या अधिकारी नियमित रूप से मौजूद नहीं रहता। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि निर्माण सामग्री और RCC कॉलम की गुणवत्ता की निगरानी आखिर कौन कर रहा है?

गुणवत्ता जांच की मांग तेज
करीब चार महीने की देरी, शिकायत के बाद अधिकारियों का सक्रिय होना, मुख्य सचिव के संज्ञान में मामला पहुंचना, परसापानी में 16 एमएम की जगह 12 एमएम सरिया लगाने का आरोप, कुरदर में वर्क ऑर्डर की अवधि खत्म होने के बाद काम शुरू होना, कंचनपुर में काम शुरू नहीं होना और मिट्ठूनवागांव के पिलर में सरिया दिखाई देना—ये सभी बिंदु निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल खड़े कर रहे हैं। अब मांग है कि संबंधित विभाग मौके पर तकनीकी जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाए।
अब असली सवाल यही है…
आदिवासी बच्चों के लिए बनने वाले भवन में अगर शुरुआत से ही देरी और गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो जवाबदेही तय होना जरूरी है। सवाल सीधे हैं—चार महीने की देरी के दौरान निगरानी कौन कर रहा था? शिकायत के बाद ही अधिकारी क्यों जागे? मुख्य सचिव के संज्ञान में आने के बाद क्या अब तकनीकी जांच होगी? परसापानी में 16 एमएम की जगह 12 एमएम सरिया लगाने का आरोप सही है या नहीं? कुरदर में वर्क ऑर्डर खत्म होने के बाद काम क्यों शुरू हुआ और कंचनपुर में अब तक काम क्यों नहीं हुआ? आखिर बच्चों के लिए बनने वाले इन भवनों की नींव मजबूत होगी या सवालों में ही दब जाएगी?
Live Cricket Info



