CG News:- महामाया मंदिर में दुकानों पर क्यों मचा घमासान? 4 दुकानदारों को 7 दिन का नोटिस, हिंदू संगठनों की हुंकार के बीच ट्रस्ट का फैसला—गीता प्रेस की 2 दुकानें अब ट्रस्ट खुद चलाएगा

CG News:- रतनपुर के मां महामाया मंदिर परिसर में बीते दिनों दो गुटों के बीच हुआ विवाद अब दुकानों की व्यवस्था को लेकर नए विवाद में बदलता दिख रहा है। 22 अगस्त की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मंदिर ट्रस्ट ने चार दुकानदारों को सात दिन के भीतर दुकानें हटाने का नोटिस दिया। कार्रवाई के विरोध में हिंदू संगठनों ने ज्ञापन सौंपकर कई मांगें रखीं। प्रदर्शन के दौरान बहस और नारेबाजी से माहौल फिर गरमा गया। इसी बीच मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष आशीष सिंह ठाकुर ने बड़ा फैसला बताते हुए कहा कि गीता प्रेस की एक दुकान मंदिर के पास और दूसरी VIP पार्किंग के पास खोली जाएगी।

बिलासपुर। रतनपुर का मां महामाया मंदिर एक बार फिर चर्चा में है। इस बार विवाद की वजह सिर्फ दो पक्षों के बीच हुई मारपीट नहीं, बल्कि मंदिर परिसर में दुकानों की व्यवस्था भी बन गई है। 22 अगस्त को हुए विवाद के बाद सामने आए वायरल वीडियो का हवाला देते हुए मंदिर ट्रस्ट ने 28 अगस्त को चार दुकानदारों को नोटिस जारी किया। नोटिस में सात दिन के भीतर दुकानें हटाने को कहा गया है।
वायरल वीडियो के बाद ट्रस्ट ने लिया एक्शन
मंदिर ट्रस्ट के नोटिस में 22 अगस्त को हुए आपसी विवाद का जिक्र है। ट्रस्ट के मुताबिक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें मारपीट और गाली-गलौज दिखाई दे रही है। ट्रस्ट ने इसे मंदिर की गरिमा और दर्शनार्थियों की धार्मिक भावनाओं को प्रभावित करने वाला कृत्य बताया।इसी आधार पर संबंधित दुकानदारों को परिसर खाली करने का निर्देश दिया गया।
चार दुकानदारों को सात दिन का समय

ट्रस्ट की ओर से भागवत उर्फ राहुल पटेल की महामाया फ्लावर दुकान, ईश्वर प्रधान, चिक्की प्रधान और राजू शर्मा की गीता प्रेस पुस्तक दुकान को नोटिस जारी किया गया है।
नोटिस में सात दिन के भीतर दुकान हटाने को कहा गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि तय समय में दुकान नहीं हटाई गई तो वैधानिक कार्रवाई के तहत बलपूर्वक दुकान हटाई जा सकती है। नोटिस की प्रतिलिपि थाना प्रभारी रतनपुर को भी भेजी गई है।
नोटिस के खिलाफ हिंदू संगठन मैदान में

ट्रस्ट की कार्रवाई के बाद हिंदू संगठनों ने इसे लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। संगठनों ने ज्ञापन सौंपकर मंदिर परिसर में गैर–हिंदुओं द्वारा संचालित दुकानों को बंद कराने की मांग रखी।
इसके अलावा नवरात्रि में इस्तेमाल होने वाले ABIS कंपनी के तेल की खरीद बंद करने और किसी हिंदू कंपनी से तेल खरीदने की मांग भी ज्ञापन में की गई है।
संगठनों ने 28 अगस्त को जारी दुकान हटाने की सूचना निरस्त करने और VIP पार्किंग में खाली पड़ी 10 दुकानों में से संबंधित हिंदू दुकानदारों को दुकान आवंटित करने की मांग भी रखी है।
ट्रस्ट अध्यक्ष का बड़ा फैसला—गीता प्रेस की दो दुकानें

मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष आशीष सिंह ठाकुर ने बताया कि ट्रस्ट ने गीता प्रेस को लेकर निर्णय लिया है। मंदिर परिसर में एक नहीं, दो दुकानें खोली जाएंगी। एक दुकान मंदिर के पास और दूसरी VIP पार्किंग के पास होगी।
खास बात यह है कि इन दोनों दुकानों का संचालन मंदिर ट्रस्ट स्वयं करेगा। ट्रस्ट अध्यक्ष के मुताबिक, इन दुकानों के माध्यम से श्रद्धालुओं और आम लोगों को गीता प्रेस की धार्मिक पुस्तकें आसानी से उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस फैसले के बाद विहिप की ओर से VIP पार्किंग में गीता प्रेस की दुकान देने की मांग को लेकर भी ट्रस्ट ने अपनी व्यवस्था स्पष्ट कर दी है।
प्रदर्शन में बढ़ा विवाद
नोटिस को लेकर हिंदू संगठनों के प्रदर्शन के दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस की स्थिति बन गई। मामला बढ़ा तो मंदिर ट्रस्ट के सामने जमकर नारेबाजी हुई। स्थिति को देखते हुए पुलिस भी मौके पर मौजूद रही और पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी गई।
सवाल अब सिर्फ दुकानों का नहीं
महामाया मंदिर परिसर का विवाद अब कई सवालों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। 22 अगस्त की घटना, वायरल वीडियो, चार दुकानदारों को जारी नोटिस, हिंदू संगठनों की मांग और ट्रस्ट की नई दुकान व्यवस्था—इन सभी ने मामले को संवेदनशील बना दिया है।
सवाल यह है कि क्या दुकानदारों को हटाने की कार्रवाई से विवाद खत्म होगा? क्या VIP पार्किंग की 10 दुकानों को लेकर संगठनों की मांग पर ट्रस्ट कोई फैसला करेगा? और गीता प्रेस की दो दुकानें खोलने के निर्णय के बाद मंदिर परिसर की व्यवस्था किस रूप में सामने आएगी?
फिलहाल दोनों पक्षों के अपने–अपने तर्क हैं और पुलिस–प्रशासन की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। आने वाले दिनों में ट्रस्ट की कार्रवाई और प्रशासन के रुख से साफ होगा कि रतनपुर महामाया मंदिर परिसर का यह विवाद किस दिशा में जाता है।
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