CG Crime News:- आदिवासी जमीन से सरकारी जमीन तक फर्जीवाड़े का खेल! फरार पटवारी गिरफ्तार, लैपटॉप-प्रिंटर जब्त

CG Crime News:- रायगढ़ के कापू इलाके में आदिवासी और शासकीय जमीन के कथित फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। पण्डो जनजाति की जमीन को फर्जी तरीके से दूसरे के नाम दर्ज कराने से लेकर सरकारी जमीन का फर्जी पट्टा तैयार कर रजिस्ट्री कराने के आरोपों में पुलिस ने फरार चल रहे तत्कालीन पटवारी राकेश साय को गिरफ्तार कर लिया है। “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लैपटॉप और प्रिंटर भी जब्त किया है।
कलेक्टर रायगढ़ मयंक चतुर्वेदी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में कापू पुलिस ने जमीन से जुड़े दो गंभीर मामलों में यह कार्रवाई की है। दोनों मामलों में पटवारी राकेश कुमार साय की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी और अपराध दर्ज होने के बाद से वह फरार चल रहा था।
मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी ग्राम गनपतपुर क्षेत्र में मौजूद है। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। अब जब्त लैपटॉप और प्रिंटर की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने में इनका इस्तेमाल किस तरह किया गया।
0 पण्डो जनजाति की जमीन दूसरे के नाम चढ़ी, फिर हो गई बिक्री
पहला मामला ग्राम डुमरनारा की जमीन से जुड़ा है। खसरा नंबर 409 की भूमि पहले से पण्डो जनजाति के सदस्यों के नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज थी। जांच में सामने आया कि वर्ष 2023-24 के रिकॉर्ड में बिना सक्षम अधिकारी के आदेश के जमीन को सुखन पिता बजरंग, जाति रावत के नाम दर्ज कर दिया गया।
इसके बाद 21 फरवरी 2024 को इसी जमीन का रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के जरिए रायपुर निवासी संतोष देवी गुप्ता के नाम विक्रय कर दिया गया।
मामले की जांच आगे बढ़ी तो दस्तावेजों में भी बड़ा खेल सामने आया। जिस व्यक्ति को विक्रेता के तौर पर प्रस्तुत किया गया, उसका वास्तविक नाम सुखन राठिया पिता धनाराम, जाति कंवर बताया गया। जांच में कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई।
जांच में तत्कालीन हल्का पटवारी राकेश कुमार साय द्वारा जमीन की बिक्री के लिए चौहद्दी उपलब्ध कराने की बात सामने आई। इसके बाद उसकी भूमिका संदिग्ध पाई गई।
7 जुलाई 2026 को तहसीलदार कापू उन्मेश पटेल की रिपोर्ट पर थाना कापू में अपराध क्रमांक 108/2026 दर्ज किया गया। मामले में धारा 419, 420, 467, 468, 471 और 120(बी) भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
0 सरकारी जमीन का भी खेल, फर्जी पट्टा बनाकर कराया अंतरण
दूसरा मामला ग्राम पंचायत रायमेर की शासकीय जमीन से जुड़ा है। आरोप है कि सरकारी जमीन को फर्जी तरीके से निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज कराया गया और उसके बाद फर्जी पट्टा तैयार कर दलालों के माध्यम से रजिस्ट्री कराई गई।
जांच में खसरा नंबर 467/23, 467/25 और 467/36 की शासकीय भूमि को कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अन्य व्यक्तियों के नाम अवैधानिक रूप से अंतरित किए जाने की जानकारी सामने आई।
इस मामले में तत्कालीन पटवारी राकेश साय, मुकारधारी कैलाश कुमार जेठवानी, विक्रेता उजितराम, अनुप्रमाणक साक्षियों समेत अन्य लोगों की भूमिका जांच के दायरे में है।
11 अगस्त 2026 को तहसीलदार कापू उन्मेश पटेल की रिपोर्ट पर थाना कापू में अपराध क्रमांक 131/2026 दर्ज किया गया। मामले में धारा 420, 467, 468, 471 और 120(बी) भादवि के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
0 “ऑपरेशन क्लीन हंट” में फरार पटवारी गिरफ्तार
दोनों मामलों में अपराध दर्ज होने के बाद तत्कालीन पटवारी राकेश साय फरार था। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी ग्राम गनपतपुर में देखा गया है।
सूचना मिलते ही कापू पुलिस ने घेराबंदी की और आरोपी को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राकेश साय पिता शशिभूषण साय, उम्र 45 वर्ष, निवासी सिविल लाइन धरमजयगढ़, तत्कालीन पटवारी के रूप में हुई है।
उसके कब्जे से लैपटॉप और प्रिंटर जब्त किए गए हैं। पुलिस अब इन उपकरणों के साथ दस्तावेजों की भी जांच कर रही है, ताकि कथित फर्जीवाड़े की पूरी कड़ी सामने लाई जा सके।
दोनों प्रकरणों में शामिल अन्य आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
0 जमीन के खेल में कौन-कौन शामिल? बाकी आरोपियों की तलाश जारी
दोनों मामलों में कई लोगों की भूमिका जांच के दायरे में है। मुख्य आरोपी तत्कालीन पटवारी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस अन्य फरार आरोपियों तक पहुंचने में जुटी है।
जमीन के दस्तावेजों से लेकर कथित कूटरचित कागजात और जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों तक, पुलिस हर कड़ी को जोड़ने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण में शामिल अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
0 इनकी रही अहम भूमिका
यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन और एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के सुपरविजन में की गई।
फरार आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी कापू निरीक्षक धर्माराम तिर्की, एएसआई मंजु मिश्रा (थाना धरमजयगढ़), प्रधान आरक्षक सोमेश गोस्वामी, लक्ष्मी कैवर्त, आरक्षक विभूति सिंह, कन्हैया भगत, प्रीतम तिर्की, संजीव पटेल एवं आरक्षक मयाराम राठिया (थाना धरमजयगढ़) की अहम भूमिका रही।
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