
CG News:-बिलासपुर में कबाड़ के कारोबार पर पुलिस का शिकंजा कसते ही 15 संचालकों पर कार्रवाई हुई। एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर चकरभाठा और सिरगिट्टी क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद सभी को न्यायालय में पेश किया गया। अब पुलिस की नजर सिर्फ अवैध कबाड़ दुकानों पर नहीं, बल्कि चोरी के लोहे, तार, वाहन पार्ट्स और अन्य सामान की संभावित खपत की पूरी कड़ी पर है।
बिलासपुर। कबाड़ की दुकानें अब एक बार फिर पुलिस की रडार पर हैं। एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर चकरभाठा और सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध कबाड़ कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 संचालकों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। पुलिस की कार्रवाई के बाद सभी को न्यायालय में पेश किया गया। साफ है कि अब पुलिस की नजर सिर्फ कबाड़ की दुकानों पर नहीं, बल्कि इस कारोबार से जुड़ी पूरी कड़ी पर है।
चकरभाठा में 5, सिरगिट्टी में 10 पर एक्शन
डीएसपी राजेश जोशी के अनुसार चकरभाठा थाना क्षेत्र में पांच कबाड़ दुकान संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें चुचुहियापारा निवासी बादशाह खान (55), यदुनंदन नगर तिफरा निवासी शेख सलीम (34), अचानकपुर निवासी विनोद नेताम (35), यदुनंदन नगर तिफरा निवासी हरिकेश चौहान (32) और अचानकपुर निवासी देवेश सिंह जोगी (32) शामिल हैं।
इधर सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में पुलिस ने 10 कबाड़ दुकान संचालकों को कार्रवाई के लिए तलब किया। इनमें गणेश नगर चुचुहियापारा निवासी शेख तौसिफ (29), सैय्यद प्रिंस (35), अमित कश्यप (34), भारत चौक तालापारा निवासी साहिल खान (25), विद्युत नगर तिफरा निवासी अनुप डेविड (31), बन्नाकडीह निवासी राजू चौहान (42), यदुनंदन नगर तिफरा निवासी दीपेश कुमार साहू (20), बन्नाकडीह निवासी अफजल हुसैन (44), मसानगंज निवासी मोहम्मद फिरोज (42) और तालापारा निवासी मोहम्मद इमरान खान (41) शामिल हैं।
पहले सूचना, फिर थाने बुलाया… और कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक दोनों थाना क्षेत्रों में अवैध कबाड़ दुकान संचालन की जानकारी मिलने के बाद संबंधित संचालकों को थाने लाया गया। अधिकारियों के निर्देश पर उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई और सभी को न्यायालय में पेश किया गया।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि थाना क्षेत्रों में अवैध कबाड़ कारोबार से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी लगातार जुटाई जाएगी और बिना वैध अनुमति या निर्धारित नियमों के कारोबार संचालित करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
असल चिंता—कहीं चोरी का माल तो नहीं खप रहा?
कबाड़ कारोबार पर पुलिस की निगरानी के पीछे एक बड़ा कारण चोरी के सामान की संभावित खपत रोकना भी है। चोरी के बाद लोहे, तार, वाहन पार्ट्स और अन्य धातुओं को कबाड़ के रूप में खपाए जाने की आशंका रहती है।
ऐसे में पुलिस कबाड़ कारोबारियों की निगरानी के जरिए चोरी की संपत्ति की खरीद-बिक्री की कड़ी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। दुकानों और संचालकों की जानकारी जुटाने के साथ कारोबार की वैधता और संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।
पुलिस का मानना है कि कबाड़ कारोबार यदि नियमों के तहत संचालित हो तो संदिग्ध सामान की खरीद-बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
अब एक-दो दुकान नहीं… पूरे नेटवर्क पर नजर
पुलिस की कार्रवाई केवल 15 संचालकों तक सीमित रखने की तैयारी नहीं है। थाना स्तर पर कबाड़ कारोबार से जुड़े लोगों और दुकानों की जानकारी एकत्र करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस संबंधित दुकानों के संचालन, संचालकों और उनके कारोबार से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के साथ अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जा सकती है।
यानी बिलासपुर में कबाड़ कारोबार को लेकर पुलिस का फोकस अब सिर्फ दुकान तक नहीं, बल्कि दुकानदार से लेकर कारोबार की पूरी कड़ी और चोरी के सामान की संभावित खपत तक है। अधिकारियों के निर्देश के बाद आने वाले दिनों में ऐसे कारोबारियों की जांच और कार्रवाई और तेज हो सकती है।
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