CG News:- खपरगंज बवाल में 20 गिरफ्तार! पथराव के आरोपी के पास पिस्टल-कट्टा, पुलिस ने उसी जगह निकाला जुलूस; अब गोली चली थी या नहीं,SSP बोले—हर पहलू की चल रही जांच

CG News:- खपरगंज में सोशल मीडिया की पोस्ट से उठी चिंगारी अब पथराव, पिस्टल और कट्टे तक पहुंच गई है। SSP रजनेश सिंह के एक्शन में 20 आरोपित गिरफ्तार हो चुके हैं। मंगलवार रात पकड़े गए नौ आरोपितों को पुलिस उसी जगह ले गई, जहां पत्थर चले थे, जुलूस निकाला और फिर कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया। उधर, सोहेल खान उर्फ मुस्तकीन से पिस्टल और देसी कट्टा मिलने के बाद मामला और गरमा गया। वायरल वीडियो में फायरिंग जैसी आवाज ने भी जांच की दिशा बदल दी है—गोली चली थी या नहीं, पुलिस इसकी पड़ताल कर रही है। वीडियो में दिख रहे चेहरों से लेकर सोशल मीडिया पोस्ट और हथियारों की कड़ी तक हर पहलू खंगाला जा रहा है। फरार आरोपितों की तलाश में पुलिस की टीमें शहर से बाहर तक दबिश दे रही हैं।
बिलासपुर। खपरगंज में इंटरनेट मीडिया की एक तल्ख टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद अब पथराव, बलवा, हथियार और 20 गिरफ्तारियों तक पहुंच चुका है। शुक्रवार रात हुए बवाल के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। मंगलवार रात गिरफ्तार किए गए नौ आरोपितों को पुलिस उसी जगह लेकर पहुंची, जहां पथराव हुआ था। इसके बाद आरोपितों का जुलूस निकाला गया और सभी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
लेकिन इस कार्रवाई के बीच सबसे बड़ा खुलासा सोहेल खान उर्फ मुस्तकीन को लेकर हुआ। पुलिस के मुताबिक उसके कब्जे से एक पिस्टल और देसी कट्टा बरामद किया गया है। बवाल के दौरान सोहेल के पिस्टल लहराने की बात भी सामने आई है। वहीं वायरल वीडियो में फायरिंग जैसी आवाज सुनाई देने के बाद अब पुलिस इस सवाल का जवाब तलाश रही है कि आखिर उस रात गोली चली थी या नहीं।

488/2026 में 17 नाम, 489/2026 में तीन और
पुलिस के दस्तावेज के मुताबिक अपराध क्रमांक 488/2026 में 17 आरोपितों की गिरफ्तारी दर्ज है। इनमें—
- मौला बक्स उर्फ गुल्लू, पिता ईमानी बक्स, उम्र 37 वर्ष, निवासी खपरगंज
- शेख अज्जुद्दीन उर्फ अज्जू, पिता शेख नसीरुद्दीन, उम्र 25 वर्ष, निवासी तैयबा चौक तालापारा
- मोहम्मद जाहिद खान, पिता अब्दुल हनीफ खान, उम्र 45 वर्ष, निवासी खपरगंज
- सफीक अहमद उर्फ राजा खान, पिता शेख मोहम्मद, उम्र 31 वर्ष, निवासी खपरगंज
- शकीर उर्फ सोनू, पिता मोहम्मद साबिर, उम्र 24 वर्ष, निवासी जुनी लाइन, संतोष भवन के पास
- मोहम्मद लाइक, पिता मोहम्मद सफीक, उम्र 37 वर्ष, निवासी खपरगंज
- रेहान अली उर्फ ईरानी, पिता जफर अली, उम्र 19 वर्ष, निवासी जगदंबापारा सरकंडा
- मो. जुनैद, पिता मो. जावेद, उम्र 21 वर्ष, निवासी खपरगंज मेन चौक
- शेर खान उर्फ नईम, पिता करीब खान, उम्र 48 वर्ष, निवासी खपरगंज
- मो. अजहर कुरैशी, पिता मो. जावेद, उम्र 30 वर्ष, निवासी खपरगंज
- विजेन्द्र अनंत उर्फ छोटू, पिता स्व. रामावतार अनंत, उम्र 32 वर्ष, निवासी सिद्धिविनायक कालोनी तिफरा
- अब्दुल रज्जाक, पिता मुस्ताक मकवाना, उम्र 26 वर्ष, निवासी खपरगंज
- अरबाज खान, पिता शेख इमरान, उम्र 29 वर्ष, निवासी खपरगंज
- सोहेल खान उर्फ मुस्तकीन, पिता मो. साहिब उर्फ उड्डू, उम्र 27 वर्ष, निवासी खपरगंज
- नुमान अली, पिता फरमान अली, उम्र 22 वर्ष, निवासी यदुनंदन नगर
- शेख सुल्तान उर्फ भूरू, पिता शेख इब्राहिम, उम्र 30 वर्ष, निवासी खपरगंज
- मोहम्मद मुस्तकीन उर्फ नफीस खान, पिता मोहम्मद मुख्तार, उम्र 29 वर्ष, निवासी तैबा मस्जिद के सामने, भारतीय नगर
वहीं अपराध क्रमांक 489/2026 में तीन आरोपितों की गिरफ्तारी दर्ज है—
- राजू यादव उर्फ नान, पिता मुन्नी लाल यादव, उम्र 30 वर्ष, निवासी कुंदरापारा, दुर्गा मंदिर के पास मेन रोड
- राकेश यादव उर्फ रिक्कू, पिता रमेश यादव, उम्र 24 वर्ष, निवासी कुंदरापारा, दुर्गा मंदिर के पास मेन रोड
- छत्रपाल साहू, पिता सेत राम साहू, उम्र 25 वर्ष, निवासी साइंस कॉलेज के सामने डबरीपारा, सरकंडा, बिलासपुर
यानी पुलिस के रिकॉर्ड में 17 और 3 मिलाकर कुल 20 गिरफ्तारियां दर्ज हैं।
सोशल मीडिया की पोस्ट बनी चिंगारी, सड़क पर बरसे पत्थर
खपरगंज में विवाद की शुरुआत इंटरनेट मीडिया पर की गई तल्ख टिप्पणियों से हुई। पोस्ट और कमेंट को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव बढ़ा और देखते ही देखते मामला आमने-सामने तक पहुंच गया। इसके बाद पथराव और बवाल शुरू हो गया।
अब पुलिस यह भी खंगाल रही है कि विवाद की शुरुआत किस टिप्पणी से हुई, पोस्ट किसने की और उसे आगे प्रसारित करने में किन लोगों की भूमिका रही।
वायरल वीडियो में आवाज… क्या सच में चली थी गोली?
इस पूरे मामले का सबसे सनसनीखेज पहलू वायरल वीडियो है। पुलिस के अनुसार वीडियो में बवाल के दौरान सोहेल पिस्टल लहराता हुआ दिखाई दिया था। इसी बीच एक अन्य वीडियो में फायरिंग जैसी आवाज सुनाई देने की बात सामने आई है।
अब पुलिस वायरल वीडियो, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और बरामद हथियारों को जोड़कर जांच कर रही है।
गोली चली थी या सिर्फ फायरिंग जैसी आवाज थी? अगर गोली चली थी तो किसने चलाई? पिस्टल और कट्टा बवाल के बीच कहां से आए?
इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद सामने आएगा।
वीडियो में जो दिखा, पुलिस उसकी पहचान कर रही
घटना के बाद इंटरनेट मीडिया पर कई वीडियो तेजी से प्रसारित हुए। पुलिस इन फुटेज को अहम डिजिटल साक्ष्य मानकर जांच में शामिल कर रही है। वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान की जा रही है और यह सत्यापित किया जा रहा है कि बवाल में उनकी भूमिका क्या थी।
पुलिस वीडियो फुटेज का मिलान घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों से भी कर रही है। यानी अब वीडियो में चेहरा और जांच में भूमिका—दोनों का मिलान किया जा रहा है।
SSP बोले—हर पहलू की होगी जांच, किसी को बख्शा नहीं जाएगा
SSP रजनेश सिंह ने साफ कहा कि खपरगंज की घटना को पुलिस महज पथराव की घटना मानकर नहीं चल रही है। हर एक पहलू को बारीकी से खंगाला जा रहा है—सोशल मीडिया की पोस्ट से लेकर वायरल वीडियो, पथराव, फायरिंग जैसी आवाज और बरामद पिस्टल-कट्टे तक। वीडियो में दिख रहे हर चेहरे की पहचान और उसकी भूमिका की पड़ताल हो रही है। फरार आरोपितों की तलाश में टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जरूरत पड़ने पर शहर से बाहर भी भेजी गई हैं। SSP ने कहा कि कानून से बड़ा कोई नहीं है, जांच में जिसकी भी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। क्योंकि शहर का सुकून कुछ लोगों की हरकतों के आगे कुर्बान नहीं होने दिया जा सकता।
फरार आरोपितों की तलाश में शहर से बाहर तक दौड़ रहीं टीमें
20 गिरफ्तारियों के बाद भी पुलिस की कार्रवाई थमी नहीं है। मामले में फरार आरोपितों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। फरार लोगों के परिचितों और संभावित ठिकानों पर भी नजर रखी जा रही है।
कुछ पुलिस टीमों को शहर से बाहर भी भेजा गया है। गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर फरार लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इंटरनेट मीडिया के वीडियो और दूसरे डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पहचान होने पर आगे भी गिरफ्तारियां की जाएंगी।
अब खपरगंज बवाल की असली तस्वीर क्या है?
एक सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद आखिर पथराव से पिस्टल और कट्टे तक कैसे पहुंच गया? कौन किसके साथ था? वायरल वीडियो में दिख रहे हर चेहरे की क्या भूमिका थी? और सबसे बड़ा सवाल—क्या उस रात सच में गोली चली थी?
20 गिरफ्तारियों के बाद पुलिस की कार्रवाई ने बवाल की कई परतें खोल दी हैं, लेकिन खपरगंज की उस रात की पूरी कहानी अभी बाकी है। अब पुलिस की जांच बताएगी कि सोशल मीडिया की चिंगारी के पीछे सिर्फ कुछ शब्द थे या उस आग को भड़काने में कोई और कड़ी भी छिपी हुई थी।
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