CG News:- पिता का संगीन आरोप: पुलिस ने बेटों को 36 घंटे तक हिरासत में रखा, बेदम पिटाई की, दोनों की हालत नाजुक, पुलिस ने कहा- हत्या के संदेही हैं, पूछताछ की जा रही है

CG News:- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से पुलिस पर गंभीर आरोपों का मामला सामने आया है। घुमका पुलिस पर एक पिता ने अपने दोनों बेटों को करीब 36 घंटे तक थाने में रखने और लाठियों से बेरहमी से पीटने का आरोप लगाया है। दावा है कि मारपीट के बाद दोनों युवकों के कूल्हे में सूजन और शरीर पर लाल निशान पड़ गए। परिजनों ने चोट के निशान का वीडियो बनाकर एसपी को सौंपते हुए पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि पुलिस का कहना है कि दोनों युवक हत्या के मामले में मुख्य संदेही हैं और पूछताछ के लिए थाने लाए गए थे। हिरासत में मारपीट के आरोपों की अलग से जांच कराई जा रही है।
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में घुमका पुलिस पर दो युवकों के साथ मारपीट का गंभीर आरोप लगा है। मामला करीब एक साल पहले ग्राम बरबसपुर में मिली 70 वर्षीय महिला की अधजली लाश से जुड़ा है। पुलिस ने हत्या की जांच के दौरान मृतका के परिजनों को पूछताछ के लिए बुलाया था। अब परिवार ने आरोप लगाया है कि पूछताछ के नाम पर दोनों युवकों को करीब 36 घंटे तक हिरासत में रखा गया और लाठियों से पीटा गया।
मारपीट के बाद दोनों युवकों के कूल्हे में सूजन और शरीर पर लाल निशान होने का दावा किया गया है। परिजनों ने चोटों का वीडियो बनाकर एसपी कार्यालय में शिकायत दी है। परिवार ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपों की जांच की बात कही है।
अब पढ़िए क्या है मामला?
11 नवंबर 2025 को ग्राम बरबसपुर में बिहासीन साहू (70) की अधजली लाश उनके ही पैरावट में मिली थी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में महिला की हत्या किए जाने और इसके बाद शव को जलाए जाने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद घुमका पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश के साथ मृतका के करीबियों से पूछताछ की जा रही थी।
संदेह के आधार पर पुलिस ने पूछताछ के लिए थाने बुलाया
जांच के दौरान पुलिस ने मृतका के बेटे नेतराम साहू और उसके दो बेटों पवन साहू और प्रदीप साहू को संदेह के आधार पर पूछताछ के लिए थाने बुलाया था।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि तीनों को 18 अगस्त 2026 की सुबह से 20 अगस्त 2026 की शाम तक थाने में रखा गया। परिवार का दावा है कि इस दौरान पुलिस ने हत्या को लेकर लगातार पूछताछ की और दोनों युवकों के साथ मारपीट की।
10-12 पुलिसकर्मियों द्वारा लाठी से पीटने का लगाया आरोप
एसपी को दी गई शिकायत में नेतराम साहू ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि करीब 10 से 12 पुलिसकर्मियों ने उनके दोनों बेटों पवन और प्रदीप को लाठियों से पीटा।
परिवार का आरोप है कि युवकों पर हत्या का अपराध कबूल करने के लिए दबाव बनाया गया। पवन और प्रदीप के मुताबिक, कथित मारपीट के बाद उनकी हालत बिगड़ गई थी।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि हिरासत के दौरान उन्हें न तो परिजनों से मिलने दिया गया और न ही वकील से संपर्क करने दिया गया। परिवार का दावा है कि तबीयत बिगड़ने के बावजूद समय पर इलाज की सुविधा भी उपलब्ध नहीं कराई गई।
36 घंटे की पूछताछ के बाद 20 अगस्त की शाम गांव के बाहर छोड़ा
परिजनों के मुताबिक करीब 36 घंटे तक पूछताछ करने के बाद पुलिस ने 20 अगस्त की शाम तीनों को गांव के बाहर बरबसपुर के प्रवेश द्वार के पास छोड़ दिया।
इसके बाद पवन और प्रदीप की तबीयत खराब हो गई। हालत बिगड़ने पर दोनों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मामले के बाद परिजन और ग्रामीण एसपी कार्यालय पहुंचे और पूरी घटना की शिकायत करते हुए कथित तौर पर मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।
घटना के दिन गांव में नहीं होने का दावा
एसपी को दी शिकायत में नेतराम साहू ने दावा किया है कि जिस दिन बुजुर्ग महिला की मौत हुई, उस दिन वह अपने दोनों बेटों के साथ दूसरे गांव में लड़की देखने गया था।
इसी दौरान फोन के जरिए उसे बुजुर्ग महिला की मौत की जानकारी मिली। परिवार का आरोप है कि पुलिस वास्तविक आरोपियों तक पहुंचने के बजाय उन्हें ही हत्या के मामले में फंसाने की कोशिश कर रही है।
हालांकि, परिवार की ओर से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पूरे मामले की तस्वीर पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो सकेगी।
पुलिस बोली- तीनों मुख्य संदेही, कर रहे पूछताछ
मामले में एडिशनल एसपी कीर्तन राठौर ने बताया कि तीनों लोग मृतका के रिश्तेदार हैं और हत्या के मामले में मुख्य संदेहियों में शामिल हैं। इसी आधार पर उनसे पूछताछ की जा रही थी।
उन्होंने कहा कि हिरासत में मारपीट और दुर्व्यवहार किए जाने के आरोपों को लेकर अलग से निष्पक्ष जांच की जा रही है। वहीं, बुजुर्ग महिला की हत्या के मामले में भी पुलिस की जांच जारी है।
अब बड़ा सवाल यही है कि हत्या की गुत्थी सुलझाने के नाम पर हुई पूछताछ में आखिर युवकों के साथ क्या हुआ? क्या पुलिस पर लगाए गए मारपीट के आरोप सही हैं या फिर जांच के दौरान लगाए गए आरोपों की तस्वीर कुछ और है? इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
Live Cricket Info

