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पामगढ़-डोंगाकोरौद मार्ग की जर्जर सड़क से त्रस्त ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू

15 वर्षों से सड़क निर्माण की मांग, अब आर-पार की लड़ाई लड़ने को मजबूर हुए ग्रामीण

पामगढ़, जांजगीर-चांपा। पामगढ़ से डोंगाकोरौद मार्ग की जर्जर और बदहाल सड़क को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों का आक्रोश अब आंदोलन में बदल गया है। पिछले लगभग 15 वर्षों से सड़क निर्माण की मांग कर रहे ग्रामीणों ने प्रशासन की लगातार अनदेखी और उपेक्षा से नाराज होकर आज से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है।

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ग्रामीणों का कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित विभाग को ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन अब तक न तो सड़क निर्माण कार्य शुरू किया गया और न ही सड़क की मरम्मत को लेकर कोई ठोस पहल की गई। इससे परेशान होकर ग्रामीणों ने भूख हड़ताल का रास्ता अपनाने का फैसला लिया है।

आवागमन हुआ मुश्किल, हर वर्ग परेशान

ग्रामीणों के अनुसार, जर्जर सड़क के कारण स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और आम नागरिकों को प्रतिदिन भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे कई बार आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से केवल आश्वासन मिल रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

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“मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन”

भूख हड़ताल पर बैठे ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और जन आंदोलन जारी रहेगा।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

पामगढ़-डोंगाकोरौद मार्ग का तत्काल निर्माण कार्य शुरू किया जाए।

जर्जर सड़क की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।

ग्रामीणों के सुरक्षित और सुगम आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

भूख हड़ताल के दौरान गूंजे ये नारे

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समाचार रिपोर्टर के रूप में उनका उद्देश्य समाज की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर प्रशासन तक पहुँचाना है।

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