Raipur News:— गुटखे का बहाना… 50 लाख लेकर फरार,IPL सट्टे के कर्ज में डूबा ड्राइवर बना मास्टरमाइंड,पार्षद समेत 7 गिरफ्तार, नाली-खपरे से बरामद रकम

Raipur News:— रायपुर में 50 लाख के गबन ने एक बार फिर बता दिया—अपराध बाहर से नहीं, अक्सर भीतर से जन्म लेता है। कंपनी का ड्राइवर, जिस पर जिम्मेदारी थी, वही साजिश का सूत्रधार निकला। इंडियन प्रीमियर लीग(आईपीएल ) सट्टे में डूबे कर्ज ने उसे इस कदर तोड़ा कि उसने अपने ही सिस्टम को निशाना बना लिया। पैसे नाली में छुपे मिले, खपरे के नीचे दबे मिले… और कहानी यहां तक पहुंची कि रकम एक पार्षद तक भी जा पहुंची।
Raipur रायपुर। राजधानी रायपुर में 50 लाख रुपए के गबन का हाई-प्रोफाइल मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड कंपनी का ही ड्राइवर निकला, जिसने कर्ज और ऑनलाइन सट्टे की लत के चलते सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में एक कांग्रेसी पार्षद समेत कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से 49.50 लाख रुपए नगद और वारदात में प्रयुक्त दो कारें जब्त की गई हैं।
साजिश की जड़: IPL सट्टा और लाखों का कर्ज
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी कृष्णा साहू ऑनलाइन Indian Premier League (IPL) सट्टे का आदी था। लगातार हार के चलते उस पर लाखों रुपए का कर्ज हो गया था। इसी कर्ज से उबरने के लिए उसने अपनी ही कंपनी में गबन की साजिश रची और परिवार व परिचितों को इसमें शामिल किया।
गुटखा बहाना… और रकम लेकर फरार
घटना 25 अप्रैल की दोपहर की है। कंपनी के ड्राइवर कृष्णा साहू और एकाउंटेंट भूपेंद्र देवांगन करीब 50 लाख रुपए लेकर बैंक जाने निकले थे। गीतांजली नगर स्थित भारत माता चौक के पास ड्राइवर ने गुटखा लेने का बहाना बनाकर एकाउंटेंट को कार से उतार दिया और कार सहित पूरी रकम लेकर फरार हो गया। इसके बाद आरोपी ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया।
CCTV फुटेज से खुला पूरा खेल
घटना की रिपोर्ट थाना खम्हारडीह में दर्ज होने के बाद पुलिस ने तत्काल एंटी क्राइम और साइबर यूनिट के साथ संयुक्त टीम बनाई। घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की बारीकी से जांच की गई। फुटेज के आधार पर आरोपी के भागने के रास्तों में नाकेबंदी कर उसकी गतिविधियों को ट्रैक किया गया और आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
नाली से लेकर खपरे तक छुपाई गई रकम
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि गबन की रकम को उसने अपने रिश्तेदारों और साथियों में बांट दिया था। रकम को छुपाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए गए—किसी ने नाली में दबाया, किसी ने झोपड़ी के खपरे के नीचे रखा, तो किसी ने जमीन में गाड़ दिया। पुलिस ने सभी ठिकानों से रकम बरामद कर ली।
पार्षद की भूमिका भी आई सामने
मामले में एक बड़ा खुलासा यह हुआ कि आरोपी ड्राइवर ने अपने हिस्से की रकम बिरगांव नगर निगम के कांग्रेसी पार्षद ओमप्रकाश साहू को छुपाने के लिए दी थी। पुलिस पूछताछ में पार्षद ने भी इस बात को स्वीकार कर लिया है।
संयुक्त टीम की कार्रवाई, 7 आरोपी गिरफ्तार
मामले में कुल 7 आरोपियों (1 महिला सहित) को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से 49,50,000 रुपए नगद, एमजी विंडसर कार (CG/04/QG/6633) और वर्ना कार (CG/06/HB/8055) जब्त की गई है। सभी के खिलाफ BNS की धाराओं 316(4), 306 और 3(5) के तहत कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी
1. कृष्णा साहू (30) – मुख्य आरोपी, ड्राइवर
2. कन्हैया राणा (32)
3. सविता साहू (36)
4. भुनेश्वर साहू (37)
5. ओमप्रकाश साहू (38) – पार्षद
6. विष्णु प्रसाद पटेल (34)
7. टीकम पटेल (25)
यह सिर्फ 50 लाख की चोरी नहीं थी—यह भरोसे के टूटने की कहानी है। एक ड्राइवर, जिस पर जिम्मेदारी थी, वही पूरे खेल का खिलाड़ी बन गया। लेकिन पुलिस की तेज कार्रवाई ने इस साजिश को ज्यादा देर तक छुपने नहीं दिया।

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