CG IPS News: – भाजपा सरकार ने तीन IPS अफसरों का डिमोशन रद्द, 2019 का आदेश निरस्त; 2018 में आचार संहिता के दिन डीजी बने थे, कांग्रेस सरकार में हुए थे डिमोट

CG IPS News: –साय कैबिनेट ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में डिमोशन किए गए तीन वरिष्ठ आईपीएस अफसरों—संजय पिल्ले, आरके विज और मुकेश गुप्ता—का 2019 का पदावनति आदेश रद्द कर दिया है। सरकार ने 26 सितंबर 2019 के डिमोशन आदेश को निरस्त करते हुए सभी संबंधित निर्णयों को पूर्व स्थिति में बहाल करने का फैसला लिया है। बताया गया कि इन अफसरों को भाजपा सरकार के कार्यकाल में आचार संहिता लागू होने के दिन 2018 में डीजी पद पर पदोन्नत किया गया था, लेकिन कांग्रेस सरकार आने के बाद उन्हें डिमोट कर दिया गया था। अब कैबिनेट के इस फैसले से उनका सेवा रिकॉर्ड पुनः बहाल माना जाएगा।
Raipur रायपुर, 29 अप्रैल 2026 | मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया गया। मंत्रिपरिषद ने 1988 बैच के तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों—संजय पिल्ले, आरके विज और मुकेश गुप्ता के संबंध में पूर्व में जारी पदावनति (डिमोशन) आदेश को निरस्त कर दिया है।
बैठक में 26 सितंबर 2019 के पदावनति आदेश का पुनर्विलोकन करते हुए उसे अपास्त किया गया। साथ ही 24 सितंबर 2019 को लिए गए संबंधित निर्णय को भी निरस्त करते हुए, उस आधार पर जारी सभी आदेशों को बैठक से पूर्व की स्थिति में पुनर्जीवित और मान्य करने का निर्णय लिया गया।सरकारी निर्णय के अनुसार यह फैसला प्रशासनिक तथ्यों एवं परिस्थितियों के समग्र परीक्षण के बाद लिया गया है।
पूर्व सरकार के निर्णय से जुड़ा मामला
यह पूरा मामला पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल से जुड़ा हुआ है, जब तीनों आईपीएस अधिकारियों को डीजी पद पर पदोन्नत किया गया था। बाद में भारत सरकार के गृह मंत्रालय से सहमति नहीं मिलने के कारण उनकी पदोन्नति को निरस्त कर दिया गया था।
उस समय यह पहला मामला था जब राज्य में तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को एक साथ पदावनत किया गया था। इससे पहले आईपीएस एसके पासवान को भी केंद्र की मंजूरी नहीं मिलने पर डिमोशन का सामना करना पड़ा था।
तीनों अधिकारियों को आचार संहिता लागू होने से पहले एडीजी से डीजी पद पर पदोन्नत किया गया था, लेकिन केंद्र की असहमति के बाद यह निर्णय वापस लेना पड़ा।
सेवा रिकॉर्ड में होगा संशोधन
राज्य सरकार के अनुसार, बाद में संजय पिल्ले और आरके विज को पुनः पदोन्नति दी गई थी, लेकिन डिमोशन से संबंधित कुछ दस्तावेज़ प्रशासनिक रिकॉर्ड में बने रह गए थे। अब कैबिनेट के इस फैसले के बाद सभी संबंधित रिकॉर्ड को पूर्व स्थिति में संशोधित किया जाएगा।


मुकेश गुप्ता के मामले में अहम प्रभाव
पूर्व आईपीएस अधिकारी मुकेश गुप्ता के मामले में यह निर्णय विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस सरकार के दौरान उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी और वे कई विवादों एवं कानूनी मामलों का सामना कर चुके हैं।
डिमोशन आदेश रद्द होने के बाद उनके सेवा रिकॉर्ड में पूर्व डीजी स्तर का दर्जा पुनः मान्य होगा, जिससे पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अन्य सेवानिवृत्ति लाभों पर भी प्रभाव पड़ने की संभावना है। कैबिनेट के इस फैसले को लंबे समय से लंबित प्रशासनिक विवाद के समाधान के रूप में देखा जा रहा है।

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